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Share Market ने 2 साल में दिया जीरो मुनाफा, FY26 में निगेटिव रिटर्न, 21% टूट गया IT सेक्टर

Share Market Return in FY26: वित्त वर्ष 2026 में सेंसेक्स ने 7 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी ने 5 फीसदी से ज़्यादा का निगेटिव रिटर्न दिया है।
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Mar 31, 2026
Share Market Return
शेयर बाजार ने दो साल में जीरो रिटर्न दिया है। (PC: AI)

Share Market Return: याद है जब हर तरफ एक ही बात होती थी कि सेंसेक्स एक लाख का आंकड़ा छुएगा? विश्लेषक टीवी पर बैठकर तारीखें बता रहे थे। निवेशक उत्साह से भरे हुए थे। और हुआ क्या? सेंसेक्स आज दो साल के सबसे निचले स्तर के पास 72,000 के करीब खड़ा है। एक लाख तो दूर, जो था वो भी चला गया। वित्त वर्ष 2026 बाजार के लिए बेहद निराशाजनक रहा। निफ्टी पूरे साल में 5 फीसदी से ज़्यादा गिरा और सेंसेक्स ने 7 फीसदी की गिरावट के साथ साल खत्म किया। दो साल पहले लगाया पैसा आज भी वहीं खड़ा है, एक पैसे की भी कमाई नहीं। यह सिर्फ एक झटका नहीं था। यह एक के बाद एक लगी चोटों की लंबी दास्तान है।

2025 में अमेरिकी टैरिफ का डर, कमजोर होता रुपया, कंपनियों की फीकी कमाई, ऊंचे वैल्युएशन और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को दबाए रखा। जब भी थोड़ी तेजी आई, किसी न किसी बुरी खबर ने उसे दबा दिया।

फिर साल के आखिर में ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध ने आग में घी डालने का काम किया। कच्चा तेल आसमान पर पहुंच गया, महंगाई का डर बढ़ा और कंपनियों के मुनाफे पर और दबाव आ गया। ऊपर से अमेरिकी फेड ने ब्याज दरें घटाने की उम्मीदों पर पानी डाल दिया, जिससे दुनियाभर में पैसे की तंगी बढ़ी।

FII ने निकाले 1.8 लाख करोड़ रुपये

सबसे बड़ा झटका FII यानी विदेशी संस्थागत निवेशकों ने दिया। पूरे FY26 में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से 1.8 लाख करोड़ रुपये निकाल लिए। और यह बिकवाली साल के आखिरी तीन महीनों में सबसे तेज रही। जनवरी से मार्च 2026 के बीच अकेले 1.31 लाख करोड़ रुपये बाहर चले गए। यानी करीब तीन चौथाई पैसा सिर्फ आखिरी तिमाही में गया।

IT सेक्टर 21 फीसदी टूटा

सेक्टर के हिसाब से देखें, तो तस्वीर और भी धुंधली हो जाती है। IT सेक्टर 21 फीसदी टूटा। रियल एस्टेट और टूरिज्म दोनों 23-23 फीसदी नीचे आए। नए जमाने की इंटरनेट कंपनियों का इंडेक्स 19 फीसदी गिरा। FMCG यानी रोजमर्रा के सामान बनाने वाली कंपनियां 15 फीसदी नीचे रहीं। मीडिया 14 फीसदी गिरा। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर से उम्मीद थी कि वो बाज़ार को थामेगा, लेकिन वो भी नहीं बचा। बैंक निफ्टी 2 फीसदी और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 6 फीसदी लुढ़का। यानी जहां देखो वहां लाल।

FY27 में क्या है उम्मीद?

Brickwork Ratings का कहना है कि अगला वित्त वर्ष भी आसान नहीं होगा। पूरे बाजार में एक साथ तेजी की उम्मीद कम है। जो फायदा मिलेगा वो चुनिंदा जगहों पर मिलेगा। कमोडिटी यानी कच्चे माल से जुड़ी कंपनियां बेहतर कर सकती हैं, क्योंकि इन्फ्रास्ट्रक्चर की मांग और जियोपॉलिटिकल जोखिम उनके पक्ष में है। शेयर बाज़ार पर दबाव बना रह सकता है। डेट यानी बॉन्ड और फिक्स्ड इनकम निवेश थोड़े स्थिर रह सकते हैं। अगर आपने सोचा था कि बाज़ार तेज़ी से वापस आएगा और नुकसान पूरा हो जाएगा, तो फिलहाल उस उम्मीद पर लगाम लगानी होगी। धैर्य रखना होगा और सोच-समझकर चलना होगा। एक लाख का सपना तो गया ही, अब सवाल यह है कि 75,000 कब आएगा।

Updated on:
31 Mar 2026 05:34 pm
Published on:
31 Mar 2026 05:34 pm