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Sugar Price: फेस्टिव सीजन से पहले चीनी की कीमतों पर लगाम की तैयारी, जल्द बाजार में आ सकती है 2.5 लाख टन अतिरिक्त सप्लाई

Shree Renuka Sugars: त्योहारी सीजन से पहले चीनी की सप्लाई बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। भारतीय रिफाइनर्स घरेलू बाजार में करीब 2.5 लाख टन चीनी बेचेंगे। सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी है।
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Updated: 9 Sep 2026, 5:53 PM IST
guidelines for sugar traders to maintain stocks
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

Sugar Rate Today: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले सरकार चीनी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई की चिंता को दूर करने में जुटी है। इसी कड़ी में भारतीय शुगर रिफाइनर्स ने घरेलू बाजार में करीब 2.5 लाख टन सफेद चीनी बेचने की पेशकश की है। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। श्री रेणुका शुगर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुशील कुमार ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी ने एडवांस लाइसेंसिंग स्कीम (ALS) के तहत तैयार करीब 2.5 लाख टन चीनी को घरेलू बाजार में बेचने की पेशकश की है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार यह घोषणा ISMA के एक कार्यक्रम के दौरान की गई।

सरकार के फैसले के बाद बढ़ेगी घरेलू सप्लाई

दरअसल, सरकार ने उन चीनी रिफाइनर्स को घरेलू बाजार में रिफाइंड चीनी बेचने का निर्देश दिया है, जो ALS के तहत कच्ची चीनी आयात करते हैं। पहले इस योजना के तहत आयात की गई कच्ची चीनी को रिफाइन करने के बाद निर्यात किया जा सकता था। अब सरकार चाहती है कि इसका एक हिस्सा देश के घरेलू बाजार में पहुंचे, ताकि सप्लाई बढ़ाई जा सके और त्योहारों के दौरान कीमतों में ज्यादा उछाल न आए।

श्री रेणुका शुगर्स खुद को देश की सबसे बड़ी शुगर रिफाइनर कंपनी बताती है। कंपनी की गुजरात के कांडला और पश्चिम बंगाल के हल्दिया में दो पोर्ट आधारित रिफाइनरी हैं। दोनों की कुल रिफाइनिंग क्षमता करीब 17 लाख टन सालाना है।

मिल गेट पर चीनी के भाव हुए नरम

सरकार के कई कदमों का असर अब चीनी की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। मिल स्तर पर चीनी के दाम पहले के मुकाबले नीचे आए हैं। सुशील कुमार के मुताबिक, चीनी की एक्स-मिल कीमत फिलहाल करीब 43 रुपये से 44 रुपये प्रति किलो है। वहीं, आयातित चीनी की अनुमानित लैंडेड कॉस्ट करीब 50 रुपये प्रति किलो से भी कम है। यानी जिस समय बाजार में चीनी की कमी की आशंका से कीमतें तेजी से ऊपर जा रही थीं, अब तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है।

रिटेल कीमतों में आया था बड़ा उछाल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत एक समय करीब 64 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। यह कीमत एक महीने पहले के मुकाबले करीब 30 फीसदी ज्यादा थी। वहीं, पिछले साल की तुलना में चीनी लगभग 39 फीसदी महंगी हो गई थी। अब सरकार की ओर से घरेलू बाजार में अतिरिक्त चीनी उपलब्ध कराने के कदम से कीमतों पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

इस साल चीनी उत्पादन का अनुमान घटा

चीनी की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह उत्पादन को लेकर चिंता भी है। 2025-26 मार्केटिंग ईयर में भारत का चीनी उत्पादन अब करीब 306 लाख टन रहने का अनुमान है। पहले इसका अनुमान 343 लाख टन लगाया गया था। मौसम की मार ने गन्ने की उपलब्धता को प्रभावित किया है। ज्यादा बारिश, खेतों में पानी भरने और फसल में लगने वाली बीमारियों ने उत्पादन पर असर डाला है। खासतौर पर रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियों से गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है।

दूसरी तरफ, देश में सालाना चीनी की खपत करीब 280 से 285 लाख टन रहने का अनुमान है। ऐसे में उत्पादन और खपत के बीच अंतर बहुत ज्यादा नहीं है, इसलिए सप्लाई को लेकर बाजार में चिंता बनी हुई थी।

सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात को दी मंजूरी

घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने Tariff Rate Quota (TRQ) व्यवस्था के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी है। इस फैसले का मकसद त्योहारी सीजन से पहले बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना है। त्योहारों के दौरान घरों के अलावा मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबारों में चीनी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार पहले से ही सप्लाई मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

Updated on:
9 Sep 2026, 5:53 PM IST
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