टाटा ग्रुप कंपनी 'Tata Play' जल्द ही शेयर मार्केट में लिस्ट होने वाली है। इसके लिए कंपनी इस महीने के लास्ट तक IPO लाने के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर सकती है। टाटा ग्रुप की ये कंपनी सेटेलाइट टीवी बिजनेस से जुड़ी हुई है।
देश के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप में से एक 'टाटा ग्रुप' की एक और कंपनी 'Tata Play' जल्द ही शेयर मार्केट में लिस्ट होने वाली है। 'Tata Play' सेटेलाइट टीवी बिजनेस से जुड़ी हुई कंपनी है, जिसका ब्रांड नाम इसी साल के शुरुआत में Tata Sky से बदलकर Tata Play किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टाटा ग्रुप की यह कंपनी पिछले साल ही अपना IPO लाने वाली थी लेकिन री-ब्रांडिंग के वजह से कपनी ने IPO लाने के फैसले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब Tata Play इस महीने के लास्ट तक IPO लाने के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर सकती है, जिसके बाद जल्द ही इसका IPO आ सकता है।
Tata Sky ने साल 2004 में टाटा संस और डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज FZ LLC के बीच 80:20 ज्वाइंट वेंचर के रूप में सेटेलाइट टीवी बिजनेस को शुरू किया था। बताया जा रहा है कि 'Tata Play' का यह IPO 300 से 400 मिलियन डॉलर का हो सकता है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के अनुसार टाटा ग्रुप कंपनी 'Tata Play' देश की सबसे बड़ी DTH सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है। आकड़ो के मुताबिक 31 मार्च 2022 तक देश भर में Tata Play के कुल 66.9 मिलियन डीटीएच ग्राहक थे।
Tata Sky ने टाटा संस और डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज FZ LLC के बीच 80:20 ज्वाइंट वेंचर के रूप में DTH सर्विस देने का बिजनेस शुरू किया था। डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज FZ LLC रूपर्ट मर्डोक की 21 सेंचुरी फॉक्स के कंपनी है। डिजनी ने 2019 में फॉक्स का अधिग्रहण कर लिया है, जिसके कारण उसके पास Tata Sky (Tata Play) कंपनी में 9.8% हिस्सेदारी आ गई। वहीं अभी टाटा संस के पास Tata Play में 41.49% हिस्सेदारी है और फॉक्स के पास 49% हिस्सेदारी है।
यह भी पढ़ें: बदले बैंक, बीमा सहित पांच नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर
'टाटा ग्रुप' की कंपनी होने के कारण 'Tata Play' के IPO में ज्यादा लोग पैसा लगा सकते हैं। अब इसके IPO में पैसा लगाने वालों पर अच्छा रिटर्न मिलेगा या नहीं मिलेगा वो कई बातों पर निर्भर करता है। जब IPO आने की डेट घोषित होगी तभी IPO के प्राइज बैंड का भी पता चलेगा और कंपनी के कोरोबार के बारे में भी जानने को मिलेगा। तब ही लाभ या हानि के बारे में कुछ अंदाजा लगाया जा सकता है।