मोदी सरकार ने अब एलीपीजी सिलिंडर के बारे में एक बड़ा निर्णय लिया है। फैसला लिया गया है कि अब सिर्फ उज्ज्वला योजना के 9 करोड़ लाभार्थियों को ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इस तरह आम उपभोक्ता के लिए एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी हमेशा के लिए खत्म हो गई है। बता दें देश में 30.5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन हैं औऱ बीते एक साल में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 200 रुपए तक बढ़ी हैं।

एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी मिलने का इंतजार कर रहे करोड़ों लोगों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने आम लोगों के लिए एलपीजी पर मिलने वाली 200 रुपए की सब्सिडी को खत्म कर दिया है। तेल सचिव पंकज जैन ने गुरुवार को बताया कि सब्सिडी का लाभ (lpg gas cylinder subsidy) अब केवल उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन पाने वाले 9 करोड़ उपभोक्ताओं को ही मिलेगा, जिनमें गरीब महिलाएं शामिल हैं। आम लोगों को एलपीजी के लिए बाजार मूल्य का भुगतान करना होगा। बता दें कि मई 2020 के बाद से मोदी सरकार पहले ही गैस सिलिंडर पर सब्सिडी देना बंद कर चुकी है और अब इसकी औपचारिक घोषणा के साथ आगे भी किसी तरह की सब्सिडी की उम्मीद हमेशा के लिए खत्म हो गई है। अब उपभोक्ताओं के लिए आगे सिलिंडर पूरे दामों पर ही उपलब्ध हो पाएगा।
मई 2020 से ही बंद है एलपीजी सब्सिडी
तेल सचिव पंकज जैन ने कहा, जून 2020 से रसोई गैस पर कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है। इससे पहले 21 मई 2022 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक वर्ष में 12 रीफिल के लिए 200 रुपए प्रति सिलेंडर सब्सिडी मिलेगी। सरकार ने जून 2010 में पेट्रोल पर और नवंबर 2014 में डीजल पर सब्सिडी समाप्त कर दी थी। इस तरह से अब आम आदमी के लिए सभी पेट्रो पदार्थों पर अब सब्सिडी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। बता दें, मोदी सरकार लंब समय से इस बात के लिए कोशिश करती आई है कि कैसे पेट्रो पदार्थों में सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।