HDFC Bank news: एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन के अचानक इस्तीफे से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
गुरुवार को बाजार खुलते ही एचडीएफसी बैंक के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर करीब 8 प्रतिशत टूटकर 52 हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गया। भारत के प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में पिछले कुछ सालों में तेजी से बदलाव हुए हैं। इसी बीच एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) देश के बड़े प्राइवेट बैंकों की लिस्ट में शामिल हुआ। लेकिन बैंक के पार्ट टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) के अचानक इस्तीफे के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
गुरुवार को बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर करीब 8 प्रतिशत टूटकर 52 हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गया। प्री ओपन मार्केट में ही शेयर लगभग 776 रुपये तक गिर गया था। इससे पहले एचडीएफसी बैंक के एडीआर में आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई। इस स्थिति ने बाजार सेंटीमेंट को और कमजोर कर दिया, गिरावट ने निवेशकों को यह संकेत दिया कि बाजार इस घटनाक्रम को गंभीरता से ले रहा है और गवर्नेंस को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस्तीफा देने वाले चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती को पहली बार अप्रैल 2021 में नियुक्त किया था। इसके बाद वे मई 2024 से मई 2027 तक दूबारा नियुक्त किए गए थे। इस्तीफे में साफ तौर पर कहा कि पिछले दो सालों में उन्होंने बैंक के अंदर कुछ ऐसी प्रक्रियाएं और घटनाएं देखीं जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और एथिक्स से मेल नहीं खातीं। हालांकि, उन्होंने इन मुद्दों का विस्तार से खुलासा नहीं किया।
इस बयान ने बैंक की इंटरनल वर्किंग को लेकर संदेह पैदा कर दिया है। यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि उनके कार्यकाल में बैंक ने हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन के साथ 40 बिलियन डॉलर का ऐतिहासिक मर्जर किया था, जिससे बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा लेंडर बना।
इस्तीफे के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मंजूरी से केकी मिस्त्री (Keki Mistry) को तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। बैंक के CEO शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) ने कहा कि संस्था में भरोसा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की बड़ी समस्या फिलहाल मौजूद नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि डिप्टी MD कैजाद भरूचा को अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी जाएंगी। वहीं, केकी मिस्त्री ने स्पष्ट किया कि बैंक के भीतर कोई पावर स्ट्रगल नहीं है और बोर्ड को इस्तीफे में उठाए गए मुद्दों की पूरी जानकारी नहीं है।