
अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक आर्थिक बाजार में हलचल मची हुई है। 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है और दुनिया भर के बाजारों पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। इस बीच सबसे बड़ा बदलाव निवेश के तरीके में देखने को मिला है। युद्ध के दौरान क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोरदार तेजी आई है, जबकि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी में गिरावट दर्ज की गई है।
ईरान युद्ध के दौरान डिजिटल एसेट्स में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। कॉइन मार्केट कैप के आंकड़ों के अनुसार 27 फरवरी को क्रिप्टोकरेंसी का ग्लोबल मार्केट कैप 2.27 ट्रिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर 2.55 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। यह करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है।
निवेशक धीरे-धीरे क्रिप्टो की ओर रुख कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि डिजिटल एसेट्स को अब एक वैकल्पिक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक तनाव चरम पर हो।
क्रिप्टो मार्केट की सबसे प्रमुख करेंसी बिटकॉइन ने इस युद्ध के दौरान शानदार प्रदर्शन किया है। 28 फरवरी को जहां इसकी कीमत करीब 63 हजार डॉलर थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 74,500 डॉलर पर पहुंच गई है। यानी 19 दिनों में करीब 18 फीसदी की तेजी दर्ज हुई है।
इसी तरह इथेरियम में भी लगभग 27 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। हालांकि बिटकॉइन अपने पुराने उच्चतम स्तर 1.25 लाख डॉलर से अभी भी नीचे है, लेकिन मौजूदा तेजी ने निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत किया है। मार्केट एनालिस्ट का मानना है कि अगर वैश्विक उथल-पुथल जारी रहती है तो क्रिप्टो में और तेजी आ सकती है।
आमतौर पर युद्ध या वैश्विक संकट के समय सोना और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जाती है, लेकिन इस बार ट्रेंड उल्टा नजर आ रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 27 फरवरी को सोना 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब गिरकर करीब 1,55,598 रुपये रह गया है। यानी करीब 4 फीसदी की गिरावट आई है।
वहीं चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 2,82,644 रुपये प्रति किलो से गिरकर यह 2,50,847 रुपये पर पहुंच गई है, जो 11 फीसदी से ज्यादा की कमी दर्शाता है। यह बदलाव निवेशकों की प्राथमिकताओं में बड़े बदलाव का संकेत देता है।
Updated on:
18 Mar 2026 03:24 pm
Published on:
18 Mar 2026 03:23 pm
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