Donald Trump Venezuela oil control: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को तेल भंडार पर कब्जे की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। वेनेजुएला के पास तेल का बड़ा भंडार है।
US Venezuela tension impact on India: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव से भारतीय निवेशकों को कुछ फायदा हो सकता है। माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जे के लिए यह पूरी कहानी लिखी है। वेनेजुएला के पास तेल का बड़ा भंडार है और उस पर नियंत्रण अमेरिका की ताकत को कई गुना बढ़ा सकता है। यही वजह है कि रूस जैसे देश फिलहाल दहशत में आ गए हैं। हालांकि, भारत को इससे कुछ आर्थिक लाभ मिल सकता है। एक्स्पर्ट्स की मानें तो वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों में अब ढील की उम्मीद है। यदि ऐसा होता है, तो भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) को करीब 1 अरब डॉलर का बकाया मिल सकता है। इसके साथ ही भारत को सस्ता क्रूड आयात करने का अवसर भी मिल सकता है।
अगर एक्स्पर्ट्स का अनुमान सही साबित होता है, तो ओएनजीसी और इंडियन ऑयल जैसी कंपनियों में निवेश करने वाले आम निवेशकों को भी कुछ न कुछ लाभ हो सकता है। ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) की पैरेंट कंपनी ओएनजीसी है। अगर OVL का 1 अरब डॉलर का बकाया मिलता है, तो कंपनी की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इसके साथ ही अगर भारत को सस्ता कच्चा तेल मिलता है, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की बैलेंसशीट भी मजबूत होगी और इस मजबूती का असर उनके स्टॉक पर पड़ेगा। ऐसे में निवेशकों के निवेश की वैल्यू भी बढ़ेगी।
ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) की वेनेजुएला के कुछ प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी है। इसी तरह, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) भी किसी न किसी प्रोजेक्ट से जुड़ी रही हैं। अमेरिका द्वारा 2020 से लगाए गए कड़े प्रतिबंध के बाद से OVL का करीब 1 अरब डॉलर फंसा हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका वेनेजुएला के बड़े तेल भंडार पर कंट्रोल करेगा और देश की बर्बाद हो चुकी तेल इंडस्ट्री को फिर से जीवित करने के लिए अमेरिकी कंपनियों को अरबों डॉलर निवेश करने के लिए कहेगा। इससे उम्मीद जागी है कि OVL का फंसा पैसा मिल जाएगा। साथ ही भारत के लिए सस्ता कच्चा तेल खरीदने के अवसर बनेंगे।
वहीं, रूस को डर है अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जे के बाद रूसी तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। अगर ऐसा होता है, तो भारत के लिए रूस से आने वाले तेल के और सस्ता होने की संभावना बन सकती है। इससे भी भारत की तेल कंपनियों की लागत में कमी आएगी और मुनाफा चढ़ेगा। भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम लंबे समय से ऐतिहासिक ऊंचाई पर बने हुए हैं। क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी का फायदा जनता को अब तक नहीं मिला है। तेल कंपनियां इसके लिए तैयार नहीं हैं और सरकार की तरफ से भी इस संबंध में कुछ खास नहीं किया गया है। ऐसे में अगर कंपनियों को कच्चा तेल और सस्ते में मिलता है तो उनका लाभ बढ़ना तय है।
स्टॉक मार्केट में ओएनजीसी विदेश लिमिटेड की पैरेंट कंपनी ONGC लिस्टेड है। इसके अलावा, इंडियन ऑयल, ऑयल इंडिया लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। अगर सबकुछ अनुमान के हिसाब से होता है, तो इन स्टॉक्स के तेजी से भागने की संभावना बनी रहेगी। फिलहाल, ओएनजीसी का शेयर 237.89 रुपए के भाव पर मिल रहा है। इंडियन ऑयल की कीमत 165.64 रुपए, ऑयल इंडिया 419.80 रुपए, BPCL 381.70 रुपए और HPCL 497.60 रुपए के भाव पर उपलब्ध है। वहीं, अगर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत होती है, तो तस्वीर भी पूरी तरह बदल सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)