SIP Tips: इक्विटी फंड में सबसे अधिक रिस्क होता है, लेकिन यहां रिटर्न भी सबसे अधिक होता है। डेट फंड में जोखिम इक्विटी और हाइब्रिड फंड दोनों से कम रहता है।
अमीर बनना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। आप छोटी-छोटी बचत करके भी लॉन्ग टर्म में अमीर बन सकते हैं। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स कहते हैं कि व्यक्ति को अपनी इनकम का 50 फीसदी खाने और किराए जैसी आवश्यकताओं में खर्च करना चाहिए। इसके बाद 30 फीसदी हिस्सा मनोरंजन और अपने शौक पूरे करने में खर्च कर सकते हैं। उसके बाद बची 20 फीसदी रकम को सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट में डालना चाहिए। अगर आप अपनी नौकरी की शुरुआत से ही इस नियम को फॉल करें और इनकम का 20% हिस्सा निवेश करें, तो एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।
लॉन्ग टर्म में बड़ा फंड तैयार करने के लिए म्यूचुअल फंड एसआईपी एक अच्छा विकल्प है। म्यूचुअल फंड प्रमुख रूप से तीन प्रकार के होते हैं। इक्विटी फंड, डेट फंड और हाइब्रिड फंड। इक्विटी फंड में सबसे ज्यादा जोखिम होता है। हालांकि, ये फंड लॉन्ग टर्म में सबसे अधिक रिटर्न देते हैं। डेट फंड में जोखिम इक्विटी और हाइब्रिड फंड दोनों से कम रहता है। कम जोखिम के साथ ही यहां रिटर्न भी कम मिल पाता है। हाइब्रिड फंड की बात करें, तो इनमें डेट फंड्स की तुलना में अधिक रिटर्न मिलता है।
म्यूचुअल फंड एसआईपी में निवेश करके आप 50 लाख रुपये जुटाना चाहते हैं, तो 11x12x15 के फॉर्मूले को फॉलो कर सकते हैं। इस फॉर्मूले में आपको 11 हजार रुपये महीने की एसआईपी किसी ऐसे म्यूचुअल फंड में करनी होगी, जो सालाना औसतन 12% रिटर्न देता हो। अगर आप 15 साल तक यह निवेश करते रहें, तो आपके पास मैच्योरिटी पर 52,35,245 रुपये जमा हो जाएंगे। इसमें से 19,80,000 रुपये आपकी निवेश राशि और 32,55,245 रुपये ब्याज आय होगी। म्यूचुअल फंड मे लॉन्ग टर्म में 12 फीसदी रिटर्न आसानी से मिल जाता है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी निवेश करने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)