Why Share Market Fall Today: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट आई है। सेंसेक्स-निफ्टी 1% से ज्यादा टूट गए हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की तेजी, कमजोर रुपया, फेड का सख्त रुख और विदेशी निवेशकों की बिकवाली इस गिरावट की मुख्य वजह बने।
Why Share Market Fall Today: भारतीय शेयर बाजार में आज गुरुवार को जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी-50 दोनों 1% से ज्यादा गिर गए। बाजार का माहौल ऐसा था कि हर सेक्टर में बिकवाली हावी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 1,200 अंक यानी 1.6% गिरकर 76,259 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 भी 350 अंकों से ज्यादा फिसलकर 23,797 के आसपास आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी नहीं बचे, दोनों इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई।
इस गिरावट का असर निवेशकों की जेब पर साफ दिखा। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 9 लाख करोड़ रुपये घटकर 460 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले सत्र में 469 लाख करोड़ रुपये था।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ता दिख रहा है। बातचीत ठप है और दोनों देश अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं। अमेरिका ने ईरान से जुड़ी करीब 344 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो संपत्ति फ्रीज कर दी है। वहीं, मिडिल ईस्ट में मिसाइल तैनाती की खबरों ने माहौल और बिगाड़ दिया है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि इससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 32 पैसे गिरकर 95.20 के ऑल टाइम लो पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में तेजी इसका बड़ा कारण है। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों को भी डराता है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ता है।
US Federal Reserve ने भले ही ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया, लेकिन उसके चेयरमैन Jerome Powell के बयान ने बाजार की चिंता बढ़ा दी। उन्होंने महंगाई के खतरे की बात कही और संकेत दिए कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। पिछले आठ दिनों से वे लगातार शेयर बेच रहे हैं। अप्रैल महीने में ही उन्होंने 62,000 करोड़ से ज्यादा की बिकवाली कर दी है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।