
पेट्रोल की कीमत में भारी इजाफा हो सकता है। (PC: AI)
Crude Oil Prices: इंटरनेशनल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को तेल की कीमतों में भारी तेजी देखी जा रही है। इसकी मुख्य वजह मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ता तनाव और अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का खत्म न होना है। स्थिति यह है कि सप्लाई रुकने की आशंका से निवेशक डरे हुए हैं और बाजार में उथल-पुथल मची है।
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) जून वायदा 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। पिछले नौ दिनों से इसमें लगातार बढ़त देखी जा रही है। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 107 डॉलर प्रति बैरलके ऊपर ट्रेड कर रहा है।
भारतीय बाजार (MCX) की बात करें तो यहां भी हालात गंभीर हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चा तेल 3 फीसदी के भारी उछाल के साथ 10,410 रुपये प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। यह आम आदमी की जेब पर बड़ा असर डाल सकता है क्योंकि कच्चा तेल महंगा होने से आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में जारी तूफानी तेजी के कारण ऑयल कंपनिया पेट्रोल पर 14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 18 रुपये प्रति लीटर का घाटा खाकर तेल बेच रही हैं। वहीं सोशल मीडिया पर लोगों में चर्चा है कि चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी देखने को मिलेगी। इसी के चलते पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिल रही है। वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं आया।
तेल की इन बढ़ती कीमतों के पीछे तीन बड़े कारण हैं-
Published on:
30 Apr 2026 12:10 pm
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