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Donald Trump के भारी टैरिफ के बावजूद शेयर बाजार में क्यों है तेजी? जान लीजिए वजह

डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है और दूसरे प्रतिबंध लगाने की बात भी कह रहे हैं। लेकिन शेयर बाजार पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। यह बढ़त के साथ बंद हुआ है।

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Aug 07, 2025
भारतीय शेयर बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ है। (PC: Gemini)

डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही भारत पर 50 फीसदी का भारी भरकम टैरिफ लगाने और आगे और कई प्रतिबंध लगाने की बात कही हो, लेकिन शेयर बाजार पर इसका जरा भी फर्क नहीं पड़ा है। भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 0.10 फीसदी या 79.27 अंक की बढ़त के साथ 80,623.26 पर बंद हुआ है। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 18 शेयर हरे निशान पर और 12 शेयर लाल निशान पर थे। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 21.95 अंक की बढ़त के साथ 24,596 पर बंद हुआ है।

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50 फीसदी हो गया टैरिफ

भारतीय शेयर बाजार का हाल ऐसा है कि इसमें ट्रंप टैरिफ के चलते न तो बड़ी गिरावट आ रही है और न ही यह टैरिफ धमकियों पर लचीलापन दिखा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई को भारत पर 25 फीसदी टैरिफ की घोषणा की थी। इसके बाद 6 अगस्त को ट्रंप ने भारतीय आयात पर टैरिफ को 25 फीसदी और बढ़ा दिया। इस तरह अमेरिका पहुंचने वाले भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया है। इसके बावजूद बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ है।

बाजार पर क्यों नहीं पड़ा टैरिफ का असर

  1. बाजार को है टैरिफ डील की उम्मीद

शेयर बाजार को अभी भी अमेरिका के साथ एक अच्छी ट्रेड डील की उम्मीद है। निवेशकों को लगता है कि भारत बातचीत से एक अच्छी डील सिक्योर कर लेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत के लिए दूसरे साउथ ईस्ट देशों की तरह कम टैरिफ दर लागू होगी।

  1. मैनेज हो जाएगा ट्रंप टैरिफ

टैरिफ से कुछ सेक्टर्स पर ही असर पड़ेगा। टैरिफ का भारतीय अर्थव्यवस्था पर ओवरऑल इंपेक्ट मैनेजेबल होगा। ट्रंप ने अभी तक भारतीय आईटी सेक्टर पर किसी टैरिफ के संकेत नहीं दिए हैं। मार्केट को लगता है कि ट्रंप का टैरिफ कुछ सेक्टर्स और कुछ कंपनियों को ही प्रभावित करेगा।

  1. भारत का अच्छा ग्रोथ आउटलुक

भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से घरेलू फैक्टर्स पर डिपेंड करती है। इस साल अच्छे मानसून के चलते जीडीपी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। वहीं, महंगाई भी कंट्रोल में रहने वाली है। खपत आधारित रिकवरी साल की दूसरी छमाही में देखने को मिलने वाली है।

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Published on:
07 Aug 2025 04:40 pm
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