12 जनवरी 2026 से IRCTC पर आरक्षण अवधि के पहले दिन केवल आधार-प्रमाणित यूजर्स ही सामान्य आरक्षित टिकटों की बुकिंग कर सकेंगे। इसके साथ रेलवे ने विभिन्न श्रेणियों और दूरी के अनुसार टिकट किराए में भी संशोधन लागू किया है।
IRCTC New Rule 2026: भारतीय रेलवे में टिकट बुकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बीते कुछ वर्षों से लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग में बॉट और फर्जी गतिविधियों को रोकना रेलवे और IRCTC की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। इसी दिशा में पहले तत्काल टिकट और फिर सामान्य आरक्षित टिकटों को लेकर आधार आधारित पहचान को लागू किया गया। अब 12 जनवरी 2026 से एक नया नियम प्रभावी हो गया है, जिसके तहत एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन सामान्य आरक्षित टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग केवल आधार-प्रमाणित IRCTC यूजर्स ही कर सकेंगे।
ट्रेन की यात्रा स्टेशन से शुरु होने के दिन से 60 दिन पहले ही रिजर्वेशन खुल जाते हैं। इस अवधि में यात्रा का दिन नहीं गिना जाता, यानी अगर ट्रेन 1 मई को यात्रा शुरु करती है, तो 1 मार्च को रिजर्वेशन कराने का पहला दिन होगा। नए नियम के अनुसार 12 जनवरी 2026 से एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन में सामान्य आरक्षित टिकट बुक करने के लिए IRCTC अकाउंट का आधार से लिंक होना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था केवल ऑनलाइन बुकिंग पर लागू होगी, जिससे शुरुआती समय में वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता मिल सके।
इससे पहले 1 अक्टूबर 2025 से सामान्य आरक्षित टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग में पहले 15 मिनट के दौरान केवल आधार-प्रमाणित यूजर्स को ही टिकट बुक करने की अनुमति दी गई थी। यह नियम IRCTC वेबसाइट और मोबाइल ऐप दोनों पर लागू है। इसके अलावा अधिकृत रेलवे टिकटिंग एजेंट्स के लिए ओपनिंग डे पर शुरु के 10 मिनट की बुकिंग रोक पहले की तरह जारी रहेगी। इन व्यवस्थाओं का मकसद यह है कि शुरुआती समय में टिकट बुकिंग का लाभ आम यात्रियों तक पहुंचे और एजेंट्स या ऑटोमेटेड टूल्स का हस्तक्षेप सीमित रहे।
नए बुकिंग नियमों के साथ-साथ रेलवे ने टिकट किराए में भी संशोधन किया है। नॉन-सबअर्बन यात्राओं में स्लीपर क्लास, साधारण प्रथम श्रेणी और सामान्य टिकटों के किराए में एक समान न्यूनतम बढ़ोतरी की गई है। इन श्रेणियों में प्रति किलोमीटर एक पैसे की दर से किराया बढ़ाया गया है। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में नॉन-एसी और एसी दोनों कैटेगरी के लिए किराया दो पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाया गया है। दूरी के आधार पर भी अतिरिक्त शुल्क तय किया गया है, जिसमें 216 से 750 किलोमीटर तक 5 रुपये, 751 से 1250 किलोमीटर तक 10 रुपये, 1251 से 1750 किलोमीटर तक 15 रुपये और 1751 से 2250 किलोमीटर तक 20 रुपये की बढ़ोतरी शामिल है।