
नई दिल्ली। वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube ने कंटेंट क्रिएटर्स के लिए 100 मिलियन डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 741 करोड़ रुपए) का एक नया फंड जारी करने की घोषणा की है। यह फंड यूट्यूब शॉर्ट्स के लिए बनाए जा रहे वीडियो क्रिएटर्स को दिया जाएगा। YouTube के चीफ बिजनेस ऑफिसर रॉबर्ट किन्क्ल ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि कंपनी द्वारा जारी किया गया शॉर्ट्स फंड, यूट्यूब पर शॉर्ट्स के मोनेटाइजेशन की दिशा में हमारा पहला कदम है। यह प्रोग्राम यूट्यूब क्रिएटर्स के लिए ही नहीं होगा, वरन इसके लिए कोई भी अप्लाई कर सकेगा।
हर महीने कमा सकेंगे 75 हजार से 7.5 लाख रुपए तक
कंपनी ने कहा है कि इस प्लेटफॉर्म पर वीडियो बनाकर कोई भी व्यक्ति प्रति माह 75 हजार रुपए से लेकर साढ़े सात लाख रुपए प्रतिमाह तक कमा सकता है। उसकी कमाई वीडियो की व्यूअरशिप तथा एंगेजमेंट पर निर्भर करेगी। हालांकि इसमें अप्लाई करने के लिए कुछ शर्तों का पालन करना होगा।
13 वर्ष से अधिक आयु वाले ही भाग ले सकेंगे
प्रोग्राम में 13 वर्ष से अधिक आयु के क्रिएटर्स ही भाग ले सकेंगे। 13-18 साल के रचनाकारों के माता-पिता या अभिभावकों को भुगतान स्वीकार करने के लिए उन्हें गूगल ऐडसेंस नियमों और शर्तों को स्वीकार करना होगा। इसके अतिरिक्त कंपनी द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार कंटेंट क्रिएटर्स को YouTube की कम्यूनिटी गाइडलाइन्स तथा कॉपीराइट नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा दूसरों के चैनलों से लिए गए वीडियो भी अपलोड नहीं किए जा सकेंगे, किसी दूसरे का वाटरमार्क या लोगो वाले वीडियो भी इसके लिए मान्य नहीं होंगे।
बोनस पेमेंट के लिए भी क्लेम कर सकेंगे
कंटेंट क्रिएटर्स पिछले माह के शॉटर्स परफॉर्मेंस के आधार पर बोनस पेमेंट क्लेम कर सकेंगे। प्रत्येक महीने शॉटर्स को कितने लोग देखते हैं, इसी के आधार पर क्लेम किया जा सकेगा। लेवल ऑफ परफॉर्मेंस हर महीने बदल सकता है। क्रिएटर्स के चैनल पर ओरिजिनल शॉटर्स होना चाहिए। इसके अलावा 180 दिन में एक एलिजिबल शॉटर्स अपलोड करना जरूरी होगा।
अन्य ऐप निर्माताओं ने भी बनाए हैं इसी तरह के फंड
यूट्यूब द्वारा जारी किया गया यह फंड अपने आप में अकेला नहीं है वरन अन्य ऐप निर्माता भी इस तरह के फंड जारी करते रहे हैं। टिकटॉक ने गत माह जुलाई में एक बिलियन डॉलर के फंड की घोषणा की थी जिसे अगले तीन वर्षों में खर्च किया जाएगा। स्नैपचैट ने भी कंटेंट क्रिएटर्स को आकर्षित करने के लिए इसी तरह के एक फंड की घोषणा की है। Moj ऐप ने गत वर्ष कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सौ मिलियन डॉलर के फंड की घोषणा की थी। इस तरह सभी ऐप कंटेंट क्रिएटर्स को लुभाने के लिए इस तरह के फंड की घोषणा करते रहे हैं।