सिक्योरिटी की गारंटी नहीं है एयरबैग खुलने में होती है दिक्कत कार यूजर्स ही होते हैं जिम्मेदार
नई दिल्ली: आजकल लगभग हर कंपनी कार में एयरबैग फीचर दे रही है, वहीं इनकी संख्या बढ़ने के साथ कीमत भी बढ़ जाती है। एयरबैग चोटों को कम कर सकते हैं यहां तक कि पैसेंजर की जान भी बचा सकते हैं। इसी वजह से कंपनियां कार में लगे एयरबैग फीचर को काफी प्रमोट करती हैं।लेकिन यहां जानने लायक बात ये है कि पैसेंजर की सिक्योरिटी के लिए दिया जाने वाला ये फीचर हमेशा काम नहीं कर पाते।इसके पीछे कई बार तो कार के मालिक और उसमें बैठने वाले ही इसके लिए जिम्मेदार होते हैं।चलिए आपको बताते हैं कि किन हालात में एयरबैग्स काम नहीं करते हैं।
स्पीड- एयरबैग काम करें इसके लिए जरूरी हैं कि कार एक निश्चित स्पीड पर चल रही हो।एयरबैग के खुलने के लिए स्पीड होना जरूरी है।अगर गाड़ी कम स्पीड पर चलेगी तो एयरबैग नहीं खुल पाएंगे
कार पुरानी हो तो-
अगर एयरबैग से लैस कार ज्यादा पुरानी है तो भी ऐसा हो सकता है कि उसके एयरबैग काम न करें।वारंटी पीरियड के बाद कंपनी एयरबैग को रिप्लेस नहीं करती। एक निश्चित समय के बाद काम करना बंद कर देते हैं तो निर्माता जवाबदेह नहीं होता ।
इंस्ट्रक्शन्स न मानने पर-
एयरबैग काम करते हैं अगर आप इंस्ट्रक्शन्स को फॉलो करते हैं।कई लोग सफर करते टाइम सीटबेल्ट लगाना पसंद नहीं करते ऐसे में एयरबैग का खुलना संभव नहीं होगा और कई बार अगर एयरबैग खुल भी जाते हैं तो वो को-पैसेंजर को घायल कर सकते हैं।
मोडिफाइड गाड़ियों -
कई बार लोग कार को अपनी पसंद के हिसाब से मोडिफाई कराते हैं।इस मोडिफिकेशन की वजह से भी एयरबैग खुलने में दिक्कत दे सकते हैं।स्पेशली अगर मोडिफिकेशन फ्रंट में होता है।यदि मालिक बुलबार लगाता है, तो सेंसर पर असर कम हो जाता है और वो एयरबैग को तैनात करने के लिए ट्रिगर नहीं कर पाता है।