AMT कारों में पेश आती हैं कई तरह की दिक्कतें इन कारों को चलाने के लिए लेनी पड़ती है ट्रेनिंग मैनुअल ट्रांसमिशन से काफी अलग होता है AMT
नई दिल्ली: आज से 2-3 साल पहले तक भारत में सिर्फ ऑटोमैटिक कारों ( Automatic Car ) का ही वर्चस्व था लेकिन आज मार्केट में ऑटोमैटिक कारें ट्रेंड में हैं। आज भारत में ज्यादातर लोग ऑटोमैटिक कारें खरीदना पसंद करते हैं क्योंकि इन कारों को चलाना बेहद ही आसान होता है, साथ ही ये कारें बेहद ही कम दाम में आसानी से मिल जाती हैं, ऐसे में लोग मैनुअल कारें खरीदने के की बजाए ऑटोमैटिक कारें खरीदने में पर जोर दे रहे हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैनुअल कारों में कुछ खामियां भी होती हैं जिनके बारे में लोगों को कार खरीदने से पहले जानकारी नहीं होती है। देश की ज्यादातर बड़ी कार कंपनियां amt कारों पर फोकस कर रही हैं लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर ऑटोमैटिक कारों में कौन-कौन सी खामियां होती हैं।
भारत में मौजूद हैं ये AMT कारें
इस समय मारुति सुजुकी ऑल्टो ( Maruti Alto ) , K10, मारुति सुजुकी सेलेरियो , डिजायर, स्विफ्ट जैसी कारों में AMT की सुविधा दे रही है, जबकि Hyundai की सेंट्रो में फिलहाल AMT की सुसिधा मिल रही है। इसके अलावा टाटा अपनी नेक्सन, टिगोर, टियागो में AMT की सुविधा दे रही है जबकि डैटसन की रेडीगो और रेनो अपनी क्विड में AMT ऑफर कर रही हैं। मैन्युअल के मुकाबले AMT कारों की कीमत करीब 50 हजार रुपये तक ज्यादा होती है ।