स्वतंत्रता के बाद इन कारों का जलवा भारत में हुई थी कार निर्माण की शुरूआत 1950 में बनी थी पहली कार
नई दिल्ली : आजादी मिलने से पहले भी भारत में कारें चलती थी लेकिन वो सभी कारें विदेशों से इंपोर्ट हुआ करती थी। स्वदेशी कारों के निर्माण के लिए पहली बार 1942 में बी एम बिड़ला ने हिंदुस्तान मोटर्स की स्थापना की थी । लेकिन पहली कार हिंदुस्तान 10 का प्रोडक्शन 1949 तक शुरू नहीं हो पाया। हिंदुस्तान 10 मॉडल को ब्रिटिश मोरिस 10 के आधार पर बनाया गया था।
1950 में दिखी थी हिंदुस्तान बेबी की झलक-
साल 1950 में हिंदुस्तान मोटर ने मोरिस मिनर के आधार पर ‘बेबी हिंदुस्तान’ और हिंदुस्तान 12 को मोरिस 14 के आधार पर पेश किया।
1950 में स्टैंडर्ड मोटर ने लॉन्च की अपनी कारें
स्टैंडर्ड मोटर एक इंडियन ऑटोमोबाइल कंपनी थी। 1948 में स्टैंडर्ड मोटर प्रोडक्ट ऑफ इंडिया की स्थापना की गई थी और इस कंपनी की पहली कार 2088 सीसी की वैनगार्ड थी। बाद में इस कंपनी ने 1955 में 803 सीसी स्टैंडर्ड 8 मॉडल और 948 सीसी स्टैंडर्ड 10 को भारत में लॉन्च किया था।
1958 में आई थी भारत की आईकॉनिक कार एम्बेसडर-
1958 में भारत में सीरिज 3 मोरिस ऑक्सफोर्ड की टूल लाइन ने एम्बेसडर कार का प्रोडक्शन शुरू किया।
1962 के बाद सब ओर छाई प्रीमियर पदमिनी की दीवानगी-
साल 1962 से 1998 तक ‘फिएट 1100’ जिसे प्रीमियर पदमिनी के नाम से जाना जाता था, उसका प्रोडक्शन किया गया। इस कार में पेट्रोल इंजन लगा था जिसकी पावर 40 एचपी थी।