Two Wheelers और Three Wheelers को बैन करने पर हो रहा था विचार नीति आयोग ने सरकार को दिया था आइडिया अब इस रुख की समीक्षा करेगी सरकार
नई दिल्ली: कुछ दिनों पहले खबर जानकारी मिली थी कि सरकार पेट्रोल/डीजल से चलने वाले टू व्हीलर्स और थ्री व्हीलर्स वाहनों को बैन करने वाली है। इस जानकारी के सामने आने के बाद टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स बनाने वाली कंपनियों में हड़कंप मच गया था। लेकिन अब इन कंपनियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। दरअसल सरकार नीति आयोग के साथ पेट्रोल/डीजल से चलने वाले टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर पर बैन करने वाले पक्ष की समीक्षा कर रही है। बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज ने नीति आयोग और संबंधित सरकारी मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों का हवाला देकर यह बात कही है।
दरअसल हाल ही में नीति आयोग की तरफ से सरकार को सुझाव दिया गया था कि प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना चाहिए साथ ही CE ( कंबशन इंजन ) वाले सभी सभी टू-व्हीलर (150cc तक) को 2025 और थ्री-व्हीलर्स को 2023 तक बैन ( two wheelers and three wheelres ban ) कर देना चाहिए। नीति आयोग की तरफ से दिए गए इस सुझाव का ऑटोमोबाइल कंपनियों ( Automobile companies ) ने जबरदस्त विरोध किया था।
बीएस-6 इंजन है कंपनी के विरोध की वजह
दरअसल सरकार पिछले कई सालों से देश में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को रोकने की दिशा में काम कर रही हैं ऐसे में कंपनियों ने बीएस-6 इंजन से अपने वाहनों को अपग्रेड करना भी शुरू कर दिया है। बड़े पैमाने पर किए जा रहे इस अपग्रेड में कंपनियों ने भारी-भरकम निवेश कर दिया है। ऐसे में इन वाहनों को बेचने की जगह अगर कंपनी इलेक्ट्रिक बाइक्स और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स पर फोकस करेगी तो उनका काफी नुकसान होगा और इसी को देखते हुए सरकार ने इन वाहनों को BAN करने वाले रुख की समीक्षा करने का फैसला किया है।
धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहन लाएंगी कंपनियां
ऑटोमोबाइल कंपनियों का मानना है कि भारत में अभी इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं हुआ है ऐसे में अगर कंपनियां इलेक्ट्रिक वबाइक्स और थ्रीव्हीलर्स को लॉन्च कर भी देती हैं तो इससे ग्राहकों को कोई ख़ास फायदा नहीं होगा साथ ही कंपनियों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। लेकिन अब सरकार ने नीति आयोग के सुझाव की समीक्षा करने का जो फैसला लिया है उससे टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स बनाने वाली कंपनियों को राहत मिलेगी।