केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने इलेक्ट्रिक वाहनों के पार्ट्स और कॉम्पोनेन्ट को अलग श्रेणी में रखा है।
नई दिल्ली: बजट से ठीक पहले सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की घरेलू असेंबली को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के पार्ट्स और अन्य कॉम्पोनेन्ट पर लगने वाली इंपोर्ट शुल्क को आधा कर दिया है। आपको बता दें कि अभी तक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पार्ट्स को इंपोर्ट करके भारत में असेंबल करने के लिए 15 से 30% तक का आयात शुल्क देना पड़ता था। लेकिन अब इन पार्ट को इंपोर्ट करने के लिए महज 10-15% शुल्क देना होगा।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने इलेक्ट्रिक वाहनों के पार्ट्स और कॉम्पोनेन्ट को अलग श्रेणी में रखा है। जिसकी वजह से आयात शुल्क 10 से 15% तक कम हो गया है।
इसके अलावा सीबीआईसी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के बैटरी पैक पर मिलने वाली आयात शुल्क में छूट को भी हटा दिया है। यानि अब इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी पैक पर मात्र 5% आयात शुल्क देना होगा।