
नई दिल्ली: ऑटो मोबाइल सेक्टर एक ऐसा सेक्टर है जिसने आजादी के बाद बहुत ज्यादा ग्रोथ हासिल की है। आज भारत ऑटोमोबाइल सेक्टर में तीसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बन चुका है।इस पूरे सफर में भारत में कई विदेशी कंपनियों ने भी भारत में गाड़ियां बनाना शुरू किया । हजारों लाखों की संख्या में अब तक गाड़ियां पेश की जा चुकी है लेकिन इनमें से कुछ गाड़ियों ने लोगों के दिल में खास जगह बनाई। तो चलिए आज आपको उन कारों के बारे में बताते हैं जिन्होने आजादी के बाद लोगों को अपना मुरीद बना लिया इतना कि आज उनके बंद होने के बावजूद इन कारों के नाम से लोगों की आंखों में चमक आ जाती है।
हिंदुस्तान एंबेस्डर-
इस कार को अगर सत्ता की कार कहा जाए तो गलत नहीं होगा।बी एम बिड़ला ने 1942 में हिंदुस्तान मोटर की स्थापना की थी।लेजेंडरी कार एंबेसडर का प्रोडक्शन 1958 से 2014 तक किया गया। इस कार को सरकारी अधिकारियों और टैक्सी ओनर्स ने काफी पसंद किया था। एक वक्त था कि ये कार शाही सवारी मानी जाती थी।
प्रीमियम पदमनी-
एंबेस्डर को टक्कर देने वाली अकेली कार पदमिनी थी। अगर एंबेस्डर नेता और अधिकारियों की पहली पसंद थी तो पदमिनी बॉलीवुड की।फिल्म इंडस्ट्री में ये कार काफी पापुलर थी और कई फिल्मों में इसे इस्तेमाल किया गया।
मारुति सुजुकी 800-
मिडिल क्लास की पहली पसंद थी ये कार। न जाने कितने आम आदमियों का कार वाला सपना इस कार ने पूरा किया।2014 में इस कार का प्रोडक्शन बंद कर दिया गया लेकिन आज भी लोग इसे बेहद पसंद करते हैं
सैंट्रो- छोटी हैचबैक कार सेगमेंट में इस कार को बेहद पसंद किया गया था, लेकिन 2014 में इसका प्रडक्शन बंद कर दिया गया। आप इसीक दीवानगी का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि 2018 में इस कार की वापसी की घोषणा के बाद से लोग इस कार का इंतजार कर रहे हैं।
हिंदुस्तान कॉन्टेसा- इस कार को 1984 से 2002 तक बनाया गया। यह पहली लग्जरी सेडान कार थी जिसे Vauxhall VX सीरीज के आधार पर बनाया गया। यह बॉलीवुड एक्टर्स की फेवरेट कार थी।