
नई दिल्ली: ऑटोमोबाइल सेक्टर में हर दिन नई- नई गाड़ियां पेश होती हैं। बदलते वक्त के साथ टेक्नोलॉजी भी काफी हद तक बदल चुकी है। और कारों के इंटीरियर और इंजन इन सबकी बानगी है। लेकिन अब ऑटोमोबाइल सेक्टर की 2 बड़ी कंपनियों ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में ऐसी टेक्नोलॉजी पेश की है जिसके बाद कार चलाने का तरीका बदल जाएगा। यही नहीं इन दोनो टेक्नोलॉजी के आने के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर में क्रांति आ जाएगी।
दरअसल हम बात कर रहे हैं मर्सिडीज की लिंगुआट्रॉनिक नेचुरल वॉइस कंट्रोल और बीएमडब्ल्यू 3-सीरीज ऑटोमैटिक रिवर्सिंग टेक्नोलॉजी की। हाल ही में इन दोनो कंपनियों ने इन टेनोलॉजीज को दुनिया के सामने रखा तो चलिए आपको विस्तार से बताते हैं इनके बारे में कि आखिर ये कैसे काम करेगी
ऑटोमैटिक रिवर्सिंग टेक्नोलॉजी-
बीएमडब्ल्यू की लेटेस्ट 3-सीरीज में कई नए गैजेट्स मौजूद हैं लेकिन सबसे खास यही सिस्टम माना जाता है। इस कार का सिस्टम 35 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पर होने वाले सभी स्टियरिंग मूवमेंट्स को रिकॉर्ड करने की क्षमता रखता है।
किसी मुश्किल परिस्थिति के आने पर अगर आपको कार रिवर्स भी करनी पड़ती है तो यह पूरा मामला अपने हाथ में ले लेता है, बस रफ्तार 9 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की नहीं होना चाहिए। ऐसी परिस्थितियों में आप बस पीछे टिक कर बैठ जाइए और कार के 360-डिग्री व्यू सिस्टम पर लगातार अपनी नजर रखिए।
लिंगुआट्रॉनिक नेचुरल वॉइस कंट्रोल-
मर्सिडीज ने वॉइस कमांड को नई ए-क्लास में प्रस्तुत किया है। इस सिस्टम को लिंगुआट्रॉनिक पुकार रही है। इसे नेचुरल वॉइस कंट्रोल भी कहा जा सकता है। इसके लिए आपको अपनी कार को कुछ आदेश देने होंगे इसके अलावा इस टेक्निक के बाद आपकी कार स्मार्टफोन की तरह काम करेगी। आप इससे सवाल-जवाब भी कर सकते हैं। जैसे, फलां जगह पर आज मौसम कैसा है? वगैरह। यह इंटरनेट पर सर्च करके जानकारी देगा। काम करवाने के लिए बटन प्रेस करने की जरूरत नहीं, बोलकर कमांड दी जा सकती है। क्लाइमेट कंट्रोल और लाइटिंग मैनेज करने के अलावा यह डेस्टिनेशन सेट करता है, फोन कॉल लगाता है, मैसेज पढ़ता-लिखने के काम भी करता है।