कॉम्पटीशन में इन कारों का मुकाबला महिंद्रा मराजो, मारुति अर्टिगा, होंडा CR-V, महिंद्रा अल्टूरस G4 और टोयोटा यारिस जैसी कारों से हुआ।
नई दिल्ली: मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा बिकने वाली हैचबैक कार Swift ने एक बार फिर से इंडियन कार ऑफ द ईयर 2019 खिताब अपने नाम किया। ICOTY कमेटी 14 सालों से लगातार इस कॉम्पटीशन का आयोजन करती आ रही है। swift ने इससे पहले 2006 और 2012 में ये अवॉर्ड अपने नाम कर चुकी है।
जहां एक ओर इस कॉम्पटीशन में मारुति सुजुकी विनर रही वहीं हुंडई सेंट्रो दूसरे पायदान पर रही और तीसरे पायदान पर होंडा अमेज रही। जबकि कॉम्पटीशन में इन कारों का मुकाबला महिंद्रा मराजो, मारुति अर्टिगा, होंडा CR-V, महिंद्रा अल्टूरस G4 और टोयोटा यारिस जैसी कारों से हुआ। इस अवॉर्ड की सबसे पहली विजेता मारूति सुजुकी स्विफ्ट थी।
कारों का 'ऑस्कर' मानें जाने वाले इस अवॉर्ड की शुरआत ICOTY नाम की इस संस्था ने साल 2005 की थी । इसमें नॉमिनेट हुई कारों को उनकी कीमत, परफॉर्मेंस, फ्यूल एफिशिएंसी, सेफ्टी और कंफर्ट जैसे कई पैरामीटर्स पर जांचा जाता है। इनपर खरा उतरने वाली कारों में से 'कार ऑफ द ईयर' को चुनते हैं।
इस कंप्टीशन में भाग लेने के लिए कारों को कुछ नियमों को मानना होता है जैसे- क्वालिफाई करने वाली सभी कारें लेटेस्ट मॉडल की होनी जरूरी होती है। पहले से मौजूद कारों के फेसलिफ्ट मॉडल या कॉस्मेटिक चेंजेज की हुई कार इस कॉम्पिटिशन में भाग नहीं ले सकती। इस कंप्टीशन की सबसे बड़ी शर्त ये है कि कार कंपनी किसी भी देश की हो लेकिन कार पूरी तरह से भारत में असेंबल्ड होनी चाहिए ।