सड़क पर कारों के एक्सीडेंट कोई नई बात नहीं है लेकिन हो सकता है भविष्य में हो सकता है ये शब्द लोगों को अजीब लगे क्योंकि
नई दिल्ली: मर्सिडीज की कारें अपने जबरदस्त लग्जरी फीचर्स की वजह से पूरी दुनिया में मशहूर है। अब मर्सिडीज अपने कस्टमर्स के लिए एक ऐसी टेक्नोलॉजी लाने जा रहा है जिसके बाद अकेलापन शब्द बेमानी हो जाएगा।दरअसल मर्सिडीज-बेंज ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है जिसमें कार के हेडलाईट के माध्यम से ड्राइवर और कार के बीच बातचीत होगी। इस नई तकनीकी को डिजिटल लाईट प्रोजेक्ट वर्ड्स का नाम दिया गया है।
आपको बता दें कि, इस तकनीकी को सबसे पहली बार जेनेवा मोटर शो में मर्सिडीज मेबैक एस-क्लॉस में दिखाया गया था। अपनी इस कार को शो केस किये जाने के दौरान मर्सिडीज-बेंज ने कहा था कि,आने वाले वक्त में वो अपनी कारों में इस तकनीकी का प्रयोग करेगी।
मर्सिडीज-बेंज ने इस टेक्नोलॉजी के लिए हाई क्वॉलिटी प्रोजेक्टिंग एलईडी लाइट्स का प्रयोग किया है। इन लाईट्स में चिप और लाखों माइक्रो रिफलेक्टर लगे हुए है। जो कि लाइट के माध्यम से पैटर्न ड्रॉ करता है।इस तकनीकी से न केवल शब्द बल्कि इलस्ट्रेशन भी बनाया जा सकता है। कंपनी इसका उपयोग नेविगेशन और सेफ्टी गाईड्स के लिए करेगी।
इस टेक्नोलॉजी के द्वारा कार के कैमरों और सेंसर को कंप्यूटर से लिंक किया गया है। जिससे वो ड्राइवर को समय-समय पर लेन चेंज, ट्रैफिक सिग्नल जैसी चीजों के बारे में इंस्ट्रक्शन्स देता रहेगा।ये सारे इंस्ट्रक्शन्स डिस्प्ले में भी दिखाई देंगे।इतना ही नहीं इस टेक्नोलॉजी की मदद से सड़क के आस-पास के हालातों जैसे कम ग्रिप वाली सड़क, कंस्ट्रक्शन,ब्लाइंड स्पॉट एलर्ट, स्पीड रिमाइंडर, लेन अलर्ट और कार के पीछे होने वाले टकराव के बारे में ड्राइवर को जानकारी मिलती रहेगी।इसके अलावा ये पैदल चलने वाले लोगों पर भी बखूबी नजर रखेगी और ड्राइवर को इसके बारे में सजग करती रहेगी।
सुरक्षा के लिहाज से ये एक शानदार पहल है और भारत जैसे देशों में ऐसी तकनीकी की खास जरूरत है।इस टेक्नोलोजी के आने से किसी भी प्रकार की दुर्घटना वाले स्थिति से बचा जा सकता है।