लोग बड़े शौक से पुरानी कार खरीदते हैं लेकिन कई बार कुछ जिनों तक कार चलाने के बाद पता चलता है कि उनके साथ धोखा हो गया है
नई दिल्ली: पुरानी कार को खरीदने में वैसे तो कोई बुराई नहीं है लेकिन कई बार लोग अच्छी कीमत मिलने के कारण अपनी पुरानी कार से कुछ ऐसी छेड़छाड़ करते हैं कि बाद में जब आपको उसका पता चलता है तो कार खरीदने का मजा खराब हो जाता है।तो अगर आप भी पुरानी कार खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा सावधान हो जाएं और कुछ बातों का सतर्कता से पालन करें ताकि आप किसी भी बड़े नुकसान से बच सकें।
कार के स्पीडोमीटर से छेड़छाड़: अक्सर कार की अच्छी कीमत पाने के लिए लोग डिस्टेंस को कम करके दिखाने के लिए कार के स्पीडोमीटर से छेड़छाड़ करते हैं।कार के स्पीडोमीटर से छेड़छाड़ को आप कार के सर्विस रिकॉर्ड चेक करके पता कर सकते हैं।
कार के पेंट: अक्सर लोग कार की चमक देखकर कार की कीमत आंकते हैं लेकिन आपको बता दें ज्यादा चमकदार पेंट खतरे की निशानी है।पुरानी कार खरीदते समय ध्यान से देखें कि क्या कार का कलर हर जगह एक जैसा है । अगर पूरी कार पर एक सा कलर है तो इसका मतलब है कार ठीक से रखी गई है। लेकिन अगर कार का पेंट कहीं ज्यादा चमकता है या कुछ ज्यादा ही चमक रहा है तो समझ लें कि कार के स्क्रैच या डेंट को छिपाने के लिए ऊपर से पेंट कराया गया है।
चेक करें कि कार के अलग-अलग बॉडी पैनल के पेंट कलर में कितना फर्क है। इसके अलावा डोर के नीचे और ऊपर के गैप को अंगुलियों से नापें अगर कुछ खुरदरापन है तो समझ लें कि कुछ गड़बड़ है।
इंजन: कार खरीदने से पहले आप इंजन जरूर चेक करें। बोनट खोलकर देखें कि इंजन के आसपास का एरिया कितना साफ है। अगर इंजन पर लीक ऑयल दिखता है तो इसका मतलब यह अंडर मैनटेंनेंस है। इसके अलावा इंजन की फैन बेल्ट और इंजन बेल्ट सही ढंग से फिट हैं और घिसी हुई तो नहीं। इंजन ऑयल का कलर चेक करें, अगर वह काला है तो इसका मतलब इंजन कार सही ढंग से मैनटेन नहीं है।
टायर्स : टायर्स कार की लाइफ लाइन होते हैं।यूज्ड कार खरीदते समय ध्यान दें कि सभी कार एक से घिसे हैं या नहीं। कार कितनी अच्छी कंडीशन में हैं ये चेक करने के लिए आप सिक्के को उसकी थ्रेडिंग में घुसाकर देखें अगर सिक्का गहराई तक घुस जाता है तो टायर अच्छे हैं और नहीं तो आप खुद ही समझदार हैं