पुलिस ने अलीनगर थाना क्षेत्र में जाली नोट छापने और उसकी सप्लाई करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी की गिरफ्तार हुआ है, जबकि दो बाल अपचारी को भी पुलिस ने पकड़ा है...
चंदौली: पुलिस ने अलीनगर थाना क्षेत्र में जाली नोट छापने और उसकी सप्लाई करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी की गिरफ्तार हुआ है, जबकि दो बाल अपचारी को भी पुलिस ने पकड़ा है। इस दौरान पुलिस को मौके से भारी मात्रा में जाली नोट, अर्ध निर्मित नोट और उसे बनाने वाले उपकरण बरामद हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, अलीनगर थाना और सर्विलांस टीम आलमपुर अंडरपास के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मानस नगर गेट के पास एक मकान में जाली नोट तैयार किया जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने दबिश दी और इस दौरान कमरे में मौजूद एक आरोपी और एक बाल अपचारी ने भागने की कोशिश की।
पुलिस ने बताया कि भाग रहे लोगों को तत्परता दिखाते हुए पकड़ लिया गया, जिनकी तलाशी में ₹100 के 4240 नोट बरामद हुए हैं। इसके बाद कमरे की जांच पड़ताल में ₹100 के 55 जाली नोट, 442 अर्ध निर्मित नोट, वाटर मार्कशीट, वाटर पेपर और भारी मात्रा में प्रिंटिंग सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि मौके से कई उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
वहीं, लैपटॉप की जांच में ₹200 और ₹500 के नोटों के डिजाइन भी मिले हैं।पुलिस को आशंका है कि इन्हें भी छापने की तैयारी की जा रही थी। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक अन्य बाल आपचारी को उसके घर से पकड़ा है, जिसके पास ₹1300 के जाली नोट बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उधम सिंह यादव के रूप में हुई है जो चंदौली जिले का ही रहने वाला है।
पकड़े गए आरोपी ने बताया कि जाली नोट छापने की तकनीक उसने यूट्यूब से सीखी थी और उसका संपर्क इंस्टाग्राम के जरिए एक शख्स से हुआ था, जिसने उसे इस काम के लिए उपकरण उपलब्ध कराए। आरोपी ने बताया कि ₹3500 जाली नोट के बदले ₹1000 असली नोट उसे मिलते थे। इस मामले में अलीनगर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी पुलिस जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।