जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नवगत पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने मुगलसराय कोतवाली अंतर्गत दुल्हीपुर चौकी पर तैनात एक हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है...
चंदौली: जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए चंदौली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। नवगत पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने इसके मद्देनजर कड़ी कार्रवाई करते हुए मुगलसराय कोतवाली अंतर्गत दुल्हीपुर चौकी पर तैनात एक हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हेड कांस्टेबल संतोष यादव पर जुआ व तस्करी जैसी कई अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा है, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया है।
संतोष पर हाईवे पर पेट्रोलिंग के दौरान पशु तस्करी जैसे मामलों में लापरवाही बरतने के भी आरोप लगे हैं, जिसको गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हेड कांस्टेबल संतोष, ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर उमाशंकर यादव और मनोज कुमार सिंह समेत 6 पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। नवागत पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल की इस कार्रवाई से चंदौली पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।
अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि विभाग को हेड कांस्टेबल संतोष के खिलाफ लगातार शिकायत मिल रही थी। इसके अलावा अन्य पुलिस कर्मियों के भी नाम सामने आ रहे थे। उन्होंने बताया कि जुआ और तस्करी जैसे मामलों में लापरवाही बरतने के बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई किए जाने का पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया था। उन्होंने बताया कि आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की बैठाई गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया है कि जिले में कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की ढीलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि यदि इस तरह से अनैतिक गतिविधियों में उनके शामिल होने की शिकायत सामने आएगी तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहना पड़ेगा। दरअसल, आकाश पटेल इससे पहले वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी के पद पर कार्यरत थे और हाल ही में स्थानांतरित होकर चंदौली के नए पुलिस अधीक्षक बने हैं।
कार्यभर ग्रहण करने के बाद पुलिस महकमे में इस तरह की कार्रवाई किए जाने के बाद चंदौली में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अधीक्षक के इस कड़े रुख से यह साफ संकेत मिल रहा है कि अब किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को विभाग में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।