पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन ने चंदौली के पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए डीआईजी रेंज वाराणसी को पत्र लिखा है। आरोप है कि ट्रैकों को रोककर पैसे के डिमांड की जाती है और नहीं देने पर ऑनलाइन चालान कर दिया जाता है...
चंदौली जनपद के पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि ट्रकों को रोककर उनसे अवैध वसूली की जा रही है। इस घटना के बाद पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन ने वाराणसी रेंज के डीआईजी को पत्र लिखा है और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई गई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि एक ट्रक चालक से ₹500 की डिमांड की गई और नहीं दिन दिए जाने पर ₹2000 का चालान कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन ने वाराणसी रेंज के डीआईजी को हाईवे पर ट्रकों से की जाने वाली अवैध वसूली को लेकर पत्र लिखा है। संगठन के उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर UP 54D 0217 है, यह ट्रक एफसीआई का सामान लेने के लिए व्यासनगर जा रहा था और चालक से ₹500 के डिमांड की गई। चालक ने जब पैसा नहीं दिए तो ₹2000 का चालान कर दिया गया।
प्रमोद ने आरोप लगाया है कि वाराणसी आने वाले रिंग रोड और नेशनल हाईवे पर यातायात पुलिस के लोग अक्सर पेट्रोलिंग करते हैं और इस दौरान कोई भी ट्रक आता दिखाई देता है उसे रोकते हैं और ₹500 की डिमांड करते हैं। आरोपों के मुताबिक, यदि पैसे दे दिए जाते हैं तो ट्रक को छोड़ दिया जाता है, अन्यथा यातायात पुलिस कर्मियों द्वारा फोटो खींचकर ऑनलाइन चालान कर दिया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि हाईवे पर ना ही कोई नो एंट्री का साइन बोर्ड लगा है और ना ही ट्रक गलत दिशा में रहती हैं, फिर भी इस तरह के कार्य पुलिसकर्मियों द्वारा किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि हाईवे पर और रिंग रोड पर अक्सर ओवरलोड ट्रकें चलती हैं, उन ट्रकों को नहीं रोका जाता है और ना ही उन पर किसी तरह का चालान किया जाता है।
प्रमोद का आरोप है कि उनका ट्रक सरकारी खाद्यान्न लोड करने के लिए व्यासनगर एफसीआई डिपो पर जा रहा था। इस दौरान शुक्रवार की सुबह लगभग 7:00 बजे ट्रक को रोका गया और चालक राजकुमार से 500 रुपए की डिमांड की गई। चालक ने देने से मना किया तो पुलिसकर्मियों ने सुबह 8:00 बजे के बाद उसका ₹2000 का ऑनलाइन चालान कर दिया। प्रमोद ने इसकी प्रति चंदौली के पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी और वाराणसी रेंज के डीआईजी को भी भेजी है।