पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पर आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नाबालिक बच्चों को तस्कर के चंगुल से छुड़ाया है। आरोप है कि तस्कर इन्हें अपने साथ लेकर वड़ोदरा जा रहा था और वहां 18 हजार रुपए प्रति माह पर नौकरी करवाए जाने की बात बच्चों के परिजनों को कही गई थी....
चंदौली: पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पर आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नाबालिक बच्चों को तस्कर के चंगुल से छुड़ाया है। आरोप है कि तस्कर इन्हें अपने साथ लेकर वड़ोदरा जा रहा था और वहां 18 हजार रुपए प्रति माह पर नौकरी करवाए जाने की बात बच्चों के परिजनों को कही गई थी। आरपीएफ की इस कार्रवाई में बचपन बचाओ आंदोलन की टीम भी शामिल रही।
जानकारी के मुताबिक, आरपीएफ और बचपन बचाओ आंदोलन के सहयोग से ट्रेन संख्या 22948 अप भागलपुर सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस सोमवार रात प्लेटफार्म संख्या 7 पर पहुंची। इस दौरान टीम ने ट्रेन की जनरल बोगी की जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा, जिसका नाम दिनेश मंडल है। दिनेश अपने साथ 6 बच्चों को लेकर सूरत जा रहा था। टीम की पूछताछ में दिनेश संदिग्ध प्रतीत हुआ, जिसके बाद उन्हें ट्रेन से नीचे उतार लिया गया और पूछताछ की गई।
पूछताछ और काउंसलिंग में पता चला कि बच्चे झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले हैं आरोपी उन्हें और उनके परिजनों को पैसे का लालच देकर गोड्डा से भागलपुर लाया था और फिर सूरत के रास्ते वडोदरा ले जा रहा था। तस्कर ने बताया कि बच्चों को सोलर प्लांट में रोज 12 घंटे काम करवाने और उसके बदले 18 हजार रुपए प्रतिमाह देने का झांसा दिया गया था।
बाल तस्करी से मामला जुड़ा होने के कारण आरपीफ ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है और आरोपी को हिरासत में ले लिया है। सभी बच्चों को रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया गया है और आरोपी तस्कर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।