
(चंडीगढ): पंजाब में आगामी सितम्बर में होने वाले पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव सत्तारूढ कांग्रेस अपने चिन्ह पर लडेगी। चुनाव की रणनीति तय करने के लिए यहां मंगलवार को आयोजित पार्टी विधायकों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक के बाद पंचायतराज मंत्री और पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड ने यह जानकारी दी।
जाखड ने कहा कि बैठक में यह भी फैसला किया गया कि पिछले अकाली-भाजपा सरकार के दौरान उत्पीडन झेलने वाले कार्यकर्ताओं को चुनाव में महत्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले भी जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव पार्टी चिन्ह पर लडे हैं। बेहबल कलां में सिख प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग के मामले में जाखड ने कहा कि यह भावनाओं का मुद्दा है। इसमें कोई सियासत नहीं है। आने वाले विधानसभा सत्र में रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट पेश की जाएगी और पुलिस को फायरिंग का आदेश देने वालों को कठघरे में खडा किया जाएगा। जाखड ने कहा कि कमीशन की रिपोर्ट ठंडे बस्ते में डालने का सवाल ही नहीं है। इस मामले में मुख्यमंत्री निवास का जिक्र आ रहा है कि गोली चलाने के आदेश वहां से दिए गए। इसी तरह 12 लाख एकड में नरमा फसल की बरबादी के मामले में मुख्यमंत्री निवास का जिक्र आया था।
आम आदमी पार्टी पर जाखड ने कहा कि यह कुनबा बिखर गया। आज जो आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं तो उन्होंने तब क्यों नहीं किया जबकि अरविन्द केजरीवाल ने ड्ग मामले में पूर्व अकाली मंत्री विक्रम मजीठिया से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी नेता सुखपाल खैहरा को रैफरेंडम-2020 पर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। इसी तरह अकाली दल को भी स्थिति साफ करना चाहिए। जाखड ने कहा कि पंचायत चुनाव प्रदेश की कैप्टेन अमरिंदर सिंह सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्याें के बूते पर लडेंगी। उन्होंने कहा कि शहरी इलाके के विधायक इस बैठक में नहीं आए थे।