अकाली दल में गुरूग्रंथ साहिब के अपमान की घटनाओं और इसके विरोध में प्रदर्शन करते सिखों पर पुलिस फायरिंग से पेदा हुए हालात को लेकर पुराने नेता मौजूदा नेतृत्व के रूख के विरोध में थे...
(चंडीगढ): जहां हरियाणा में मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल में नेताओं के बीच कलह मची हुई है, वहीं पडोसी पंजाब के विपक्षी दल शिरोमणि अकाली दल पर मतभेदों का काला साया दिखाई दे रहा है। कुछ ही समय पहले पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर मतभेद जाहिर करने वाले अकाली दल के सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा और पूर्व सांसद डॉ रतन सिंह अजनाला को रविवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
दोनों नेताओं के निष्कासन का फैसला रविवार को यहां आयोजित अकाली दल की कोर कमेटी की बैठक में किया गया। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर सिंह बादल ने की। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल मौजूद नहीं थे। माझा क्षेत्र के दोनों टकसाली नेताओं के निष्कासन का फैसला सर्वसम्मति से किया गया।
कोर कमेटी ने रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के पुत्र रविन्द्रपाल सिंह ब्रह्मपुरा और डॉ रतनसिंह अजनाला के पुत्र अमरपाल बोनी को भी अकाली दल से निष्कासित कर दिया। अकाली दल में गुरूग्रंथ साहिब के अपमान की घटनाओं और इसके विरोध में प्रदर्शन करते सिखों पर पुलिस फायरिंग से पेदा हुए हालात को लेकर पुराने नेता मौजूदा नेतृत्व के रूख के विरोध में थे। इन मतभेदों के चलते पार्टी अध्यक्ष सुखवीर बादल ने कहा था कि यदि पार्टी कहेगी तो वे अध्यक्ष पद छोड देंगे। लेकिन इसके बाद इन दो टकसाली नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।