
सीएम भगवंत मान
BJP Voter Fraud Allegations: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर नेताओं की खरीद-बिक्री और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। भगवंत मान ने कहा कि बीजेपी को अपनी पार्टी बढ़ाने और दूसरे दलों के विधायकों को तोड़ने के बजाय देश के विकास पर ध्यान देना चाहिए। चुनाव आयोग द्वारा घोषित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर मान ने आशंका जताई कि इसके जरिए वोटर्स के डेटा के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की जा रही है।
विपक्ष पर आरोप लगाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के आगामी अभियान और बीजेपी की रणनीति पर सीधा वार किया। भगवंत मान ने कहा कि 'दूसरी पार्टियों से विधायकों को तोड़ने के बजाय, BJP को देश पर ध्यान देना चाहिए। SIR 15 जून से शुरू होगा, ये लोग असली वोटों में हेरफेर करके नकली वोट तैयार करते हैं, और हम पंजाब में ऐसा नहीं होने देंगे।'
यह पूरा विवाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा घोषित किए गए SIR फेज-III अभियान को लेकर है। इस देशव्यापी अभियान के तहत देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 36 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं की लिस्ट को सुधारा और अपडेट किया जाना है। चुनाव आयोग के आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक, पंजाब में इस अभियान की तैयारी 15 जून से शुरू हो जाएगी। इसके बाद 25 जून से 24 जुलाई के बीच बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर वोटर्स का वेरिफिकेशन करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया के बाद 1 अक्टूबर 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया जाएगा। आम आदमी पार्टी को डर है कि इसी चेकिंग के बहाने उनके वोटर्स के नाम काटे जा सकते हैं।
इसी बीच, भगवंत मान का यह गुस्सा ऐसे समय में फूटा है जब पंजाब में 'आप' के कई बड़े नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। सबसे बड़ा झटका खुद मुख्यमंत्री को लगा जब 11 मई को उनके चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थाम लिया। पंजाब की सियासत में पिछले कुछ हफ्तों से दलबदल का खेल चरम पर है। मान के भाई से पहले आम आदमी पार्टी के कई कद्दावर नेता और सांसद जैसे राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी आप से दूरी बनाकर बीजेपी के पाले में खड़े हो चुके हैं। इस सियासी सेंधमारी से भगवंत मान बुरी तरह भड़के हुए हैं।
भगवंत मान ने केंद्र सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी को सोने, पेट्रोल और LPG के हमारे मौजूदा भंडारों से संबंधित विवरण सार्वजनिक करने चाहिए।' भगवंत मान का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस हालिया अपील के बाद आया है, जिसमें पीएम ने पश्चिम एशिया संकट के कारण पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने, सस्टेनेबल लाइफस्टाइल अपनाने और आर्थिक मजबूती में सहयोग देने का आग्रह किया था।
Published on:
18 May 2026 07:33 pm
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