चेन्नई. विजय अभिनीत बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ का सेंसर संबंधी विवाद अब नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। मद्रास हाईकोर्ट के एकल जज ने शुक्रवार सुबह केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को यूए सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था, जिस पर चंद घंटों बाद ही रोक लग गई। शुरुआत में यह आदेश निर्माता […]
चेन्नई.
विजय अभिनीत बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायकन' का सेंसर संबंधी विवाद अब नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। मद्रास हाईकोर्ट के एकल जज ने शुक्रवार सुबह केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को यूए सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था, जिस पर चंद घंटों बाद ही रोक लग गई। शुरुआत में यह आदेश निर्माता पक्ष के लिए बड़ी राहत माना गया, क्योंकि फिल्म की रिलीज़ को लेकर समय कम था। लेकिन कुछ ही घंटों में केंद्र सरकार ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने मुख्य न्यायाधीश मनींद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ के समक्ष तत्काल अपील पेश की। सीबीएफसी ने इस आदेश को चुनौती दी और कहा कि बोर्ड को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।सीबीएफसी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि निर्माता ने याचिका में जो राहत मांगी थी, अदालत का आदेश उससे आगे चला गया। मेहता ने कहा, "माय लॉर्ड्स, इसमें तात्कालिकता है, लेकिन जो राहत दी गई, वह याचिका में मांगी ही नहीं गई थी।" इसके अलावा, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने याचना की प्रक्रिया और सीबीएफसी चेयरपर्सन की 6 जनवरी की चिट्ठी को भी मुद्दा बनाया, जिसे सिंगल बेंच ने चुनौती के बिना ही रद्द कर दिया।सीबीएफसी ने कहा पर्याप्त समय नहीं मिलासीबीएफसी ने दावा किया कि याचिका 5 जनवरी को दायर हुई, तुरंत सुनवाई हुई और दो दिन में ही फैसला आ गया। बोर्ड को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। सरकार ने बताया कि फिल्म ने 18 दिसंबर को प्रमाणन के लिए आवेदन किया था और 22 दिसंबर तक सीबीएफसी ने फिल्म को पुनरीक्षण समिति के पास भेजने का निर्णय निर्माताओं को सूचित कर दिया था, जो कोर्ट जाने से पहले हुआ।
निर्माता पक्ष का तर्क अस्वीकार
वहीं, फिल्म निर्माता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि फिल्म की रिलीज़ 9 जनवरी को निर्धारित थी, इसलिए मामला अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा, "आप रिलीज़ डेट तय कर सिस्टम पर दबाव नहीं बना सकते।"टल गई शनिवार की रिलीजदलीलों के बाद, खंडपीठ ने सिंगल जज के आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया। यानी 'जन नायकन' को अभी यूए सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख तय की है, तब तक निर्माता पक्ष को राहत स्थगित रहेगी। फिल्म की रिलीज़ टल गई है और अब सबकी नजरें अदालत के अगले फैसले पर हैं। इस वजह से विजय के फैन्स में काफी आक्रोश भी है। सोशल मीडिया पर कुछ प्रशंसकों का गुस्सा भी फूटा जो दावा कर रहे थे कि वे शनिवार को शिवकार्तिकेयन की फिल्म पराशक्ति रिलीज नहीं होने देंगे।05:42 PM