
चेन्नई में मंगलवार को राजनीति में नया मोड़ आया जब विरालिमलै से विधायक और पूर्व AIADMK मंत्री सी. विजयभास्कर ने अचानक अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया, जिससे AIADMK के भीतर असंतोष और बगावत की स्थिति और बढ़ गई है।
सी. विजयभास्कर ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना हस्तलिखित इस्तीफा सौंपा, जिसे नियमों के अनुरूप मानते हुए तुरंत स्वीकार कर लिया गया। विजयभास्कर न सिर्फ AIADMK सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं, बल्कि वे हाल ही में पार्टी के बागी खेमे में भी शामिल हो गए थे। 13 मई को उन्होंने विधानसभा में हुए विश्वास मत में टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था।
विजयभास्कर का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब इससे पहले भी AIADMK के चार अन्य विधायक इस्तीफा दे चुके हैं और वे बाद में सत्तारूढ़ टीवीके (TVK) में शामिल हो गए थे। इन लगातार हो रहे इस्तीफों से पार्टी के भीतर असंतोष और बगावत के संकेत मिल रहे हैं।
इस्तीफा देने से पहले विजयभास्कर ने सोशल मीडिया पर AIADMK प्रमुख एडपाडी के. पलनीस्वामी पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए लिखा था, "जो नेतृत्व अपने पार्टी कार्यकर्ताओं का दिल नहीं जीत सकता, वह जनता का दिल कैसे जीत सकता है? क्या ऐसी जगह पर जहां भावनाओं की कद्र न हो, सच्ची यात्रा संभव है? #जस्ट आस्किंग"। उनकी इस पोस्ट ने पार्टी नेतृत्व पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
विजयभास्कर के इस्तीफे से पुदुकोट्टै जिले के विरालिमलै विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। साथ ही AIADMK में चल रही आंतरिक कलह और बगावत की स्थिति और स्पष्ट हो गई है। पार्टी के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।