Jallikattu Row शशिकला ने किया पेटा पर लगाम लगाने का वादा

आगामी विधानसभा सत्र में जल्लीकट्टू से प्रतिबंध हटाने के लिए प्रस्ताव लाएगी सरकार 

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Jan 18, 2017
Sasikala
चेन्नई.
जल्लीकट्टू के आयोजन के समर्थन में बुधवार को मरीना बीच पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। जल्लीकट्टू पर बढ़ रहे प्रदर्शन को देखते हुए सत्तारूढ़ दल की महासचिव शशिकला नटराजन ने वादा किया कि वो एनजीओ पेटा पर लगाम लगाएंगी। उन्होंने कहा कि कानून लोगों की सेवा के लिए बनाए जाते हैं ना कि कानून की सेवा के लिए लोग बने हैं।

उन्होंने कहा कि इसका आयोजन सुनिश्चित करने के लिए वो हर तरह का कानूनी कदम उठाएंंगी। अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि एक विदेश आधारित संस्था पेटा तमिल संस्कृति को अपना निशाना बना रही है।

दरअसल डीएमके तथा कांग्रेस की सरकार ने ही बैलों को भी तमाशाई जानवरों की सूची में शामिल करते हुए इसे पेटा कानून के अंतर्गत मान्यता प्रदान की। उन्होंने कहा कि वास्तव में डीएमके तथा कांग्रेस ही जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध के असली जिम्मेदार हैं एआईएडीएमके तो हमेशा से ही इसका समर्थन करती आई है।

पार्टी प्रमुख ने प्रदर्शनकारियों की सराहना करते हुए कहा कि जो युवा शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं वो सही मायने में अहिंसा का पालन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वो एक अध्यादेश लाकर जल्लीकट्टू पर लगे प्रतिबंध को हटाए। इस दौरान उन्होंने वादा किया कि आगामी विधानसभा सत्र में जल्लीकट्टू पर से प्रतिबंध हटाने के लिए राज्य सरकार एक प्रस्ताव लाएगी।

यह पहली बार नहीं है जब केंद्र सरकार से निपटने के लिए तमिलनाडु सरकार विधानसभा संकल्प प्रणाली का प्रयोग कर रही है इससे पहले भी अगस्त 2011 में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता के समय भी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों मुरुगन, सांथन तथा पेरअरिवालन के मृत्युदंड की सजा बदलने के लिए भी प्रस्ताव पारित किया था। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब वो सत्ता में आएंगे तो इस पर लगा प्रतिबंध हटा देंगे लेकिन पोंगल बीत जाने के बाद भी इस खेल पर लगा प्रतिबंध अभी तक बरकरार है। गौरतलब है कि मई 2014 में सर्वोच्च न्यायालय ने जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगा दिया था।
Published on:
18 Jan 2017 08:49 pm
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