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ईरान की अगली रणनीति तैयार कर रहा अमेरिका का मोस्ट वांटेड दुश्मन, जानिए कौन है अहमद वहीदी?

US-Iran War Update: इंटरपोल की वांटेड सूची में शामिल और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित ईरानी कमांडर अहमद वहीदी अब ईरान की अगली सैन्य रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। IRGC चीफ बनने के बाद वहीदी ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान पर फिर हमला हुआ तो युद्ध की आग हर सीमा पार कर जाएगी।

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भारत

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Rahul Yadav

May 24, 2026

Who is Ahmad Vahidi

Who is Ahmad Vahidi (AI Image)

Who is Ahmad Vahidi: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक नाम तेजी से वैश्विक सुर्खियों में है, वह नाम ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहीदी है। अमेरिका के प्रतिबंधों का सामना कर रहे और इंटरपोल की वांटेड सूची में शामिल अहमद वहीदी अब ईरान की सैन्य रणनीति के सबसे अहम चेहरों में गिने जा रहे हैं।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ बने वहीदी को कट्टर और समझौता विरोधी नेता माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी नरमी के खिलाफ हैं और मौजूदा संकट में तेहरान की अगली चाल तय करने वालों में उनकी भूमिका बेहद अहम हो चुकी है।

अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद बढ़ा कद

अहमद वहीदी ने IRGC की कमान उस समय संभाली, जब मोहम्मद पाकपोर अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए थे। यह हमला 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन हुआ था।

विशेषज्ञों का कहना है कि वहीदी पाकपोर से भी ज्यादा कट्टर माने जाते हैं। इजरायली सैन्य खुफिया विभाग के पूर्व अधिकारी डैनी सिट्रिनोविज के मुताबिक, वहीदी उन लोगों में शामिल हैं जो मानते हैं कि यदि अमेरिका दोबारा युद्ध चाहता है, तो ईरान इसके लिए तैयार है।

इसके बाद से वहीदी ईरान की सैन्य और रणनीतिक नीति के केंद्र में आ गए हैं। उनके नेतृत्व में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर दबाव बढ़ाया, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में गिना जाता है। इस समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है और यहां तनाव बढ़ने से पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर असर पड़ सकता है।

ट्रंप को खुली चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से ईरान पर हमला कर सकता है। ट्रंप ने कहा था कि 'घड़ी तेजी से चल रही है' और अब फैसला जल्द होना चाहिए।

इसके जवाब में अहमद वहीदी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अगर ईरान की जमीन पर फिर कोई हमला हुआ, तो अब तक सीमित क्षेत्रीय युद्ध की आग इस बार हर सीमा और हर क्षेत्र को पार कर जाएगी।”

उन्होंने अमेरिका को विनाशकारी जवाब की चेतावनी भी दी है।

कौन हैं अहमद वहीदी?

1958 में ईरान के शिराज में जन्मे अहमद वहीदी का राजनीतिक और सैन्य करियर इस्लामिक क्रांति के बाद शुरू हुआ। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, लेकिन जल्द ही IRGC से जुड़ गए।

1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान उनकी पहचान एक कट्टर और प्रभावशाली सैन्य अधिकारी के रूप में बनी। बाद में वह IRGC की विशेष यूनिट 'कुद्स फोर्स' के पहले कमांडर बने।

उन्होंने रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और IRGC के उप प्रमुख समेत कई अहम पदों पर काम किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 1980 के दशक के चर्चित 'ईरान-कॉन्ट्रा अफेयर' के दौरान उनके इजरायली संपर्कों की भी चर्चा रही थी।

इंटरपोल की वांटेड सूची में क्यों?

अहमद वहीदी पर 1994 में अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में यहूदी कम्युनिटी सेंटर पर हुए बम धमाके में शामिल होने का आरोप है। इस हमले में 85 लोगों की मौत हुई थी।

इसी मामले में इंटरपोल ने उनके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। हालांकि ईरान इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताता रहा है।

अमेरिका ने भी लगाए प्रतिबंध

2022 में अमेरिका ने वहीदी पर प्रतिबंध लगाए थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान में हुए महिला विरोध प्रदर्शनों को हिंसक तरीके से दबाने में भूमिका निभाई।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने आरोप लगाया था कि वहीदी ने हिजाब नियमों का विरोध करने वाली महिलाओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया था।

परमाणु समझौते पर सख्त रुख

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत अभी भी अटकी हुई है। खासकर यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बड़ा मतभेद बना हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान अब तक ऐसा कोई प्रस्ताव मानने को तैयार नहीं हुआ है, जिसे वह आत्मसमर्पण जैसा समझता हो। विशेषज्ञों का मानना है कि वहीदी जैसे कट्टर नेताओं का बढ़ता प्रभाव बातचीत को और मुश्किल बना सकता है।

पाकिस्तान कनेक्शन और वायरल तस्वीर

हाल ही में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ अहमद वहीदी की कथित मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। हालांकि बाद में ईरानी मीडिया ने दावा किया कि यह तस्वीर पुरानी थी और 2024 की मुलाकात की थी।

‘सिस्टम का हिस्सा’, लेकिन बेहद प्रभावशाली

इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप से जुड़े विशेषज्ञ अली वाएज के मुताबिक, वहीदी बेहद प्रभावशाली जरूर हैं लेकिन ईरान में फैसले सामूहिक तरीके से लिए जाते हैं। हालांकि युद्ध जैसे हालात में उनकी आवाज और ज्यादा ताकतवर हो जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरानी नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश जरूर की, लेकिन उसके बाद सत्ता में और ज्यादा कट्टरपंथी चेहरे उभरकर सामने आए हैं।

दुनिया की नजर अब तेहरान पर

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अभी भी चरम पर बना हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट संकट, परमाणु वार्ता में गतिरोध और सैन्य चेतावनियों के बीच अहमद वहीदी अब उस चेहरे के रूप में उभरे हैं, जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वहीदी की रणनीति यह तय कर सकती है कि पश्चिम एशिया युद्ध की आग में और झुलसेगा या कूटनीति की कोई नई राह निकलेगी।