चेन्नई

Chennai Bhogi Festival: धुएं ने बिगाड़ी एयर क्वालिटी, उड़ानें प्रभावित

चेन्नई में भोगी पर्व पर अलाव जलाने से फैला घना धुआं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 100 के पार, एयरपोर्ट पर उड़ानों में बाधा।

2 min read
Jan 14, 2026
चेन्नई में भोगी पर्व का धुआं बना संकट

चेन्नई में बुधवार सुबह Bhogi Festival के दौरान परंपरागत अलाव जलाने से पूरा शहर घने धुएं और धुंध की चपेट में आ गया। वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट हुई, जिससे चेन्नई एयरपोर्ट पर कई फ्लाइट्स प्रभावित हुईं और आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा।

चेन्नई एयरपोर्ट पर दृश्यता में गिरावट, उड़ानें रुकीं

चेन्नई में भोगी पर्व के दिन सुबह 7 बजे दृश्यता घटकर केवल 300 मीटर रह गई थी, जिससे चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई उड़ानें न उतर पाईं और हवाई संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 7 से 8 बजे के बीच रनवे पर दृश्यता बेहद कम रही। दिन चढ़ने के साथ दृश्यता 600 मीटर तक सुधरी, लेकिन स्मॉग की परत बनी रही। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि हालात में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है, मगर सुबह के समय यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में गिरावट, स्वास्थ्य पर खतरा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चेन्नई के कई इलाकों में बुधवार सुबह AQI 100 के पार पहुंच गया। मनली में AQI 144, कोडुंगैयूर में 123 और अरुंबाक्कम में 117 रिकॉर्ड किया गया। यह स्तर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन या हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए अस्वस्थ बताया गया है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जागरूकता अभियान

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि वे भोगी पर्व पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाएं। बोर्ड ने खास तौर पर प्लास्टिक, टायर, ट्यूब और अन्य कचरा जलाने से बचने को कहा है, ताकि घना धुआं न बने और उड़ान संचालन, सड़क यातायात व स्वास्थ्य प्रभावित न हो। प्रदूषण से आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

इसी क्रम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जागरूकता अभियान भी चलाया है, जिसके तहत पर्चे बांटे जा रहे हैं और ऑटो-रिक्शा से ऑडियो संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने त्योहार को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल ढंग से मनाने की अपील की है।

सड़क यातायात और आम जनजीवन पर असर

अलाव के धुएं और सुबह की धुंध के कारण चेन्नई के कई इलाकों में घना कोहरा छा गया, जिससे मोटर चालकों को दृश्यता की कमी के चलते दिक्कत हुई और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। प्रशासन ने संवेदनशील व्यक्तियों, विशेषकर बुजुर्गों और बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

परंपरा बनाम पर्यावरण: क्या है समाधान?

भोगी पर्व की परंपरा के तहत पुराने घरेलू सामान जलाना आम है, लेकिन आज के समय में प्लास्टिक और रबर जैसी वस्तुओं के जलने से प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने जरूरत जताई है कि इस परंपरा को पर्यावरण-अनुकूल ढंग से निभाया जाए, ताकि त्योहार की खुशी स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भारी न पड़े।

प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी से त्योहार मनाएं और धुएं रहित उत्सव को अपनाएं, जिससे चेन्नई शहर को प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाया जा सके।

Published on:
14 Jan 2026 04:32 pm
Also Read
View All

अगली खबर