हर साल सारंग में 100 से ज्यादा कार्यक्रम होते हैं और 500 कॉलेजों से 70 हजार विद्यार्थी इसमें शामिल होते हैं
चेन्नई. आईआईटी मद्रास का सांस्कृतिक महोत्सव सारंग ९ जनवरी से शुरू होने वाला है। हर साल सारंग में १०० से ज्यादा कार्यक्रम होते हैं और ५०० कॉलेजों से ७० हजार विद्यार्थी इसमें शामिल होने आते हैं। कर्नाटक संगीतकार नित्याश्री महादेवन के संगीत से बुधवार को समारोह की शुरुआत होगी। इस उपलक्ष्य में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर भास्कर राममूर्ति ने कहा इस समारोह के आयोजन के लिए १,२०० से ज्यादा विद्यार्थियों ने काम किया है जो उनके लिए एक बेहतर अनुभव रहा है। यह समारोह विद्यार्थियों द्वारा, विद्यार्थियों का और विद्यार्थियों के लिए ही है। इसका आयोजन वर्ष १९७० से किया जा रहा है।
हर साल विद्यार्थी अपनी रुचि के हिसाब से इसके आयोजन और कार्यक्रमों में बदलाव करते हैं। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां हिस्सा लेंगी जिनमें रत्न पाठक शाह, धु्रव सहगल, अश्विन संघी, एस. सौम्या, प्रजक्ता कोली, अनु अग्रवाल और शिप्रा खन्ना जैसे नाम शामिल हैं।
इस मौके पर आईआईटी मद्रास की संास्कृतिक सलाहकार प्रोफेसर नंदिता दास गुप्ता ने बताया कि सारंग आईआईटी मद्रास का सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक समारोह है। आईआईटी मद्रास अपनी तकनीक के बारे जिस प्रकार से विख्यात है उसी प्रकार से इस समारोह द्वारा संस्थान के विद्यार्थियों की कला व कलाकारों को भी ख्याति मिलती है। दक्षिण भारत का इंटर-कॉलेजिएट, सेमी प्रोफेशनल डांस कंपीटीशन १० जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर आईआईटी मद्रास के डीन (स्टूडेंट्स) एमएस शिवकुमार एवं सारंग की आयोजक टीम समेत कई लोग मौजूद थे।