
कोयम्बत्तूर. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में झीलों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है पर वास्तविकता कुछ और ही है। उक्कडम के पास करीब एक सौ एकड़ में फैली झील के सौन्दर्यन पर काफी पैसा पहले भी खर्च किया जा चुका है और करोड़ों रुपए और खर्च करने की योजना है, लेकिन यह गंदे पानी की झील बनती जा रही है। झील के एक हिस्से में सैकड़ों मछलियां मरी हुई हालत में सतह पर दिखाई दी तो लोग चौंके। यह खबर सुन कर मछुआरे व आसपास के लोग आ गए। मछुआरों ने हालात का जायजा लिया और आरोप लगाया कि मछलियों की मौत का कारण झील के इस इलाके में छोड़ा जा रहा दूषित व रसायन युक्त जहरीला पानी है।इसकी वजह से मछलियां मारी गई। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम का पानी को बिना साफ किए झील में डाला जा रहा है। यह घातक है। झील में मछली का ठेका है। ठेकेदार ने प्रशासन से दूषित पानी छोडऩे वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।बाद में उसने अपने कामगारों से मृत मछलियों को बाहर निकलवाया। इनका वजन तौला गया तो पांच टन निकला। ठेकेदार ने उन्हें गड्ढ़े में दफनाया है। उसने बताया कि मछलियों के भी जहरीले होने से इन्हें यूं ही नहीं फेंका जा सकता। कोई जीव इन्हें खा कर मर सकता है। रोग फैल सकता है। उल्लेखनीय है कि झील के आसपास के क्षेत्र के कायाकल्प के लिए उक्कडम बस स्टैण्ड तक को यहां से हटाने की योजना बनाई जा चुकी है।
खारीवाल अध्यक्ष लोढा सचिव
कोयम्बत्तूर. श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन युवक संघ कोय बत्तूर की वार्षिक सभा रविवार को आयोजित हुई।अध्यक्षता बबलू ललवाणी ने की। वार्षिक रिपोर्ट संयोजक राजेश कुमार गादिया ने पेश की। सभा में वर्ष 2018 -2020 के लिए संघ के चुनाव कराए गए। इसमें अध्यक्ष ज्ञानचन्द खारीवाल, उपाध्यक्ष आशीष बोहरा व धनपत कटारिया,सचिव नेमीचन्द लोढा,सह-सचिव हितेश छाजेड व विक्रम चोपड़ा, कोषाध्यक्ष विकास सुरणा को चुना गया। साथ ही 15 सदस्यीय कार्यकारिणी गठित की गई। निवर्तमान सचिव धनपत कटारिया ने आभार जताया।