
चेन्नई।प्रदूषण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दीपावली के दौरान पटाखे फोडऩे पर लगाई गई समय की पाबंदी से पटाखा कारोबारी के अलावा चेन्नई सहित राज्यभर के लोग निराश हैं। दिवाली पर आतिशबाजी पर समय निर्धारित होने से इसका असर आईलैंड ग्राउंड पर पटाखा स्टॉल्स पर दिख रहा है। करोड़ों रुपए से ज्यादा का पटाखा बाजार प्रभावित होगा।
केवल दो घंटे पटाखा फोडऩे की अवधि निर्धारित करने से आईलैंड ग्राउंड पर पटाखा का कारोबार करने वाले व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई है। आईलैंड ग्राउंड पर लगाए गए ६८ स्टॉल के व्यापारियों को दोहरा झटका लगा है।
एक तो पटाखा फोडऩे की अवधि ने व्यापार की कमर तोड़ दी और अब मौसम की बेरुखी ने पटाखा बिक्री पर गहरा चोट किया है। महानगर में बारिश से लोग आईलैंड ग्राउंड नहीं आ रहे हंै। करोड़ो रुपए के पटाखे स्टॉल में सज चुके हैं लेकिन ग्राहक नदारद है।
आतिशबाजी पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय निर्धारित होने के बाद लोगों का बजट आधा हो गया है जो लोग खरीदारी कर रहे है वे समय की पाबंदी के चलते कम पटाखा खरीद रहे है। एक अन्य स्टॉल के मालिक लोगन ने बताया कि जो हमारे कुछ नियमित ग्राहक हैं और उन्होंने पिछले साल १० हजार रुपए की खरीदारी की थी लेकिन इस साल इनका बजट पांच हजार रुपए हो गया। समय की पाबंदी होने से लोगों की खरीदारी राशि कम हो गई।
फैसले से पहले करोड़ों का पटाखा खरीदा
एक अन्य स्टॉल के मालिक ने बताया कि फैसले से पहले करोड़ो रुपए का पटाखा खरीदा है। करोड़ो रुपए का पटाखों का व्यापार होता था, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की समयावधि और सख्ती के बाद पटाखा विक्रेताओं के करोड़ों रुपए डूबते नजर आ रहे है। क्योंकि विक्रेताओं का कहना है कि उन्होंने शिवकाशी से माल खरीदा है, लेकिन अब वह लोग माल वापस लेने से इंकार कर रहे हैं।
व्यापार पर पड़ेगा असर
आईलैंड ग्राउंड पर पटाखों की ६८ स्टॉल लग गई और करोड़ो रुपए के पटाखे सज गए हैं लेकिन खरीदार नहीं मिलने से दुकानदार परेशान है। मदुरै के लॉ कॉलेज के छात्र बी. भास्कर ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर आईलैंड ग्राउंड में पटाखा का स्टॉल लगाया है। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर १५ लाख रुपए का निवेश किया है लेकिन मौसम की मार और सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने उन्हें मायूस कर दिया है। भास्कर के दोस्त ने बताया कि वे दो ***** से स्टॉल लगा रहे हंै लेकिन पिछले साल बिक्री अच्छी हुई थी। पिछले साल भी हमनें १५ लाख का निवेश किया और करीब २०-२२ लाख का व्यापार हुआ था लेकिन इस वर्ष नुकसान होने का अंदेशा है। उसने बताया कि स्टॉल लगाए दो दिन हो गए लेकिन बिक्री वैसी नहीं हुई जैसे उन्हें उम्मीद थी। वजह साफ है सुप्रीम कोर्ट का आतिशबाजी पर पाबंदी और मानसून।
ग्रीन पटाखों से अनजान कारोबारी
आईलैंड ग्राउंड में पटाखा विक्रेता ग्रीन पटाखों से अनजान हैं। दुकानदारों से लेकर खरीदारों तक किसी को भी इन पटाखों के बारे में जानकारी नहीं है। पटाखा खरीदने आई एक महिला शारदा ने बताया कि यह पहली बार सुनने में आया है कि इस तरह के भी पटाखे होते हैं। जिनसे प्रदूषण या आवाज नहीं होती। इस बार फेसबुक, यूट्यूब जैसे बम आए है लेकिन अबतक ग्रीन पटाखा का नाम नहीं सुना है। दुकानदार को भी नहीं पता क्या होता है ग्रीन पटाखा। एक स्टॉल के मालिक ने बताया कि पहली बार ग्रीन पटाखा का नाम सुना है।
इनका कहना है...
&दिवाली खुशियों का त्यौहार है। आतिशबाजी त्यौहार का हिस्सा है। इसमें समय या किसी प्रकार की पाबंदी नहीं होनी चाहिए।
विजय कुमार, केएएम एंड कंपनी, आईलैंड ग्राउंड
&सुप्रीम कोर्ट का फैसले के बाद पटाखा कारोबार प्रभावित हो गया लेकिन हमनें अगस्त महीने में ही पटाखा खरीद लिए थे। भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। फैसला पटाखा कारोबारी के हित में नहीं है।
बी. भास्कर, श्री लक्ष्मी फायरवक्र्स, आईलैंड ग्राउंड
&आसमान में काले बादल और बारिश की वजह से पटाखा की बिक्री घट गई है। बुधवार से मानसून शुरू हो गया ऐसे में बिक्री और कम हो जाएगी।
लोगन, एसएस कै्रकर्स आईलैंड ग्राउंड
दो घंटे में नहीं मनाया जा सकता दीपावली का त्यौहार
आईलैंड ग्राउंड पर पटाखा कारोबार करने वाले व्यापारियों का कहना है कि दीपावली पर्व आतिशबाजी के बगैर पूरा ही नहीं हो सकती। यह परंपरा बन चुकी है। लोग हर साल जमकर आतिशबाजी करते हैं लेकिन इस साल केवल घंटों के भीतर आतिशबाजी करने पर बाध्य होंगे। राज्यभर में दिवाली दो दिन मनाई जाती है लेकिन इस साल केवल घंटे मिलेंगे आतिशबाजी के लिए। यह सोचकर आश्चर्य होता है। आईलैंड ग्राउंड में खरीदारी करने आए षणमुगम ने निराशा व्यक्त करते हुए बताया कि हर साल दीपावली धूम-धाम से मनाई जाती है और खूब आतिशबाजी होती है तो फिर इस साल आतिशबाजी पर पाबंदी क्यों लगाया गया? ऐसा कभी नहीं हुआ केवल दीया जलाकर दिवाली मनाई गई हो।
पुरुषोत्तम रेड्डी