कोयंबत्तूर. पोल्लाची के टॉपस्लिप की ओर जाने वाले प्रकृति प्रेमियों के लिए अब ठहरने का एक नया विकल्प उपलब्ध होने जा रहा है। सेदुमडई स्थित अन्नामलई संरक्षण केंद्र परिसर में पांच लक्जरी टेंट लगाए जा रहे हैं। यह परियोजना तमिलनाडु वन विभाग की तमिलनाडु वाइल्डरनेस एक्सपीरियंस कॉर्पोरेशन (टीएनडब्ल्यूइसी) द्वारा राज्य में अपनी तरह की पहली […]
कोयंबत्तूर.
पोल्लाची के टॉपस्लिप की ओर जाने वाले प्रकृति प्रेमियों के लिए अब ठहरने का एक नया विकल्प उपलब्ध होने जा रहा है। सेदुमडई स्थित अन्नामलई संरक्षण केंद्र परिसर में पांच लक्जरी टेंट लगाए जा रहे हैं। यह परियोजना तमिलनाडु वन विभाग की तमिलनाडु वाइल्डरनेस एक्सपीरियंस कॉर्पोरेशन (टीएनडब्ल्यूइसी) द्वारा राज्य में अपनी तरह की पहली पहल है। प्रत्येक वातानुकूलित टेंट में दो व्यक्तियों के लिए खाट, सौर ऊर्जा से चलने वाला गीजर और संलग्न शौचालय की सुविधा होगी। प्रवेश द्वार पर यूपीवीसी दरवाजा लगाया गया है और टेंट को पूरी तरह सील किया गया है। पर्यटकों के लिए आकाश दर्शन (स्काई वॉचिंग) की भी व्यवस्था होगी। स्थानीय आदिवासी लोग रेस्टोरेंट में भोजन तैयार करेंगे, जबकि ड्राइवरों के लिए अलग टेंट बनाए जा रहे हैं। परियोजना की कुल लागत लगभग 2 करोड़ रुपए है।टीएनडब्ल्यूइसी के अधिकारियों ने बताया कि यह अस्थाई ढांचा पर्यटकों की मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। टेंट जंगल के भीतर नहीं लगाए गए हैं ताकि वन्यजीवों की आवाजाही बाधित न हो। इन्हें जंगल के पास और ट्रेकिंग मार्गों के निकट स्थापित किया गया है।
कार्य फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा
कार्य फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद किराए तय किए जाएंगे। भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जा सकेगा, जैसा कि राज्य के 35 ट्रेकिंग मार्गों में होता है। सरकारपटी और नगरूत्तु की आदिवासी बस्तियों से 20 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है। वे फ्रंट ऑफिस, इन्वेंटरी प्रबंधन, रेस्टोरेंट संचालन, हाउसकीपिंग और आकाश दर्शन के माध्यम से पर्यटकों को शिक्षित करने का कार्य करेंगे। पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुप्रिया साहू ने टीएनडब्ल्यूइसी के प्रबंध निदेशक विस्मिजु विश्वनाथन के साथ निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। बढ़ती मांग को देखते हुए टीएनडब्ल्यूइसी राज्य में मौजूदा 35 ट्रेकिंग मार्गों के अतिरिक्त 15 नए मार्ग जोड़ने की योजना भी बना रहा है।