स्मार्ट सिटी मिशन में मदुरै ने भी अच्छा काम किया है। यहां 16 प्रोजेक्ट से साथ स्थानीय लोगों को स्मार्ट सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसमें सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए हिस्टोरिकल कल्चरल सेंटर का निर्माण किया गया है।
स्मार्ट सिटी मिशन में मदुरै ने भी अच्छा काम किया है। यहां 16 प्रोजेक्ट से साथ स्थानीय लोगों को स्मार्ट सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसमें सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए हिस्टोरिकल कल्चरल सेंटर का निर्माण किया गया है। सेंटर का निर्माण वहां हुआ है, जहां 100 वर्ष से भी पहले से सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहे हैं, लेकिन उस समय पहले तक वहां खुला मैदान था। लेकिन अब कल्चरल सेंटर के जरिए लोगों की सुविधा दी गई है। इसकी खासियत ही है कि हॉल 6 भागों में डिवाइड हो सकता है यानी एक साथ 6 प्रोग्राम भी हो सकते हैं। मदुरै कॉरपोरेशन ने हाल ही हुए वर्ल्ड कप के फाइनल मैच का भी यहह लाइव प्रसारण किया, जिसमें सैकड़ो लोगों ने उसका लुत्फ उठाया। कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर रुबान सुरेश ने बताया कि मदुरै में लाइब्रेरी एंड नॉलेज सेंटर, बेहतरीन फ्रूट मार्केट, टूरिस्ट प्लाजा, मल्टीलेवल कार पार्किंग भी विकसित की गईं है। इसके अलावा रिवर फ्रंट पर बेहतरीन काम किया गया, जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक भी वहां पहुंच सके। पीआईबी के एडीजी राजीव जैन एवं उनकी टीम भी लगातार स्मार्ट सिटी के कार्यों की जानकारी ले रही है।
मदुरै - जो स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यान्वयन के लिए पहचाने गए 100 शहरों में से एक है। शहर को स्मार्ट सिटी परियोजना कार्यान्वयन में सूची में शीर्ष पर आने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। पुडु मंडपम और तिरुमलाई नायक पैलेस जैसे मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में 630 मिलियन रुपये की विरासत बहाली परियोजनाएं और पर्यटक सुविधाओं का प्रावधान है। हेरिटेज बाजार, पर्यटक प्लाजा और तिरुमलाई नायक पैलेस के पास भी काम हो रहा है। लगभग 1 अरब रुपये की वैगई नदी पुनर्स्थापन परियोजना, 1.5 अरब रुपये की पेरियार बस स्टैंड पुनर्विकास और 280 मिलियन रुपये की बहु-स्तरीय पार्किंग स्थल पर काम का प्रावधान है।