राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा समाजोत्थान समिति ने कहा है कि विवादित फिल्म 'पद्मावत को बैन कर देना चाहिए
यह समाज के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है
कोयम्बत्तूर. राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा समाजोत्थान समिति ने कहा है कि विवादित फिल्म 'पद्मावत को बैन कर देना चाहिए। समाज फिल्म का प्रदर्शन रुकवाने के लिए निर्देशक संजय लीला भंसाली को इसके निर्माण की लागत देने को भी तैयार है।
समिति अध्यक्ष राम अनुज सिंह ने यह पेशकश की है। वे मंगलवार को कोयम्बत्तूर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह समाज के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ फिल्म का नाम बदला है लेकिन फिल्म की कहानी व तथ्य तो वही हैं जिसे लेकर क्षत्रिय समाज विरोध कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी का भी कहना है कि फिल्म में कोई कट नहीं है। ऐसी सूरत में फिल्म का प्रदर्शन रोक देना चाहिए।
क्षत्रिय समाज के गौरव को बरकरार रखने के लिए समाज फिल्म की लागत भी देने को तैयार है
अध्यक्ष ने कहा क्षत्रिय समाज के गौरव को बरकरार रखने के लिए समाज फिल्म की लागत भी देने को तैयार है। इसके लिए समाज का हर सदस्य सहयोग राशि जुटाएगा। भंसाली फिल्म को प्रदर्शित नहीं करें। उनके नुकसान की भरपाई कर दी जाएगी।
समिति ने पद्मावत ? के प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए प्रधानमंत्री व सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी पत्र लिखे हैं। उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि फिल्म को प्रदर्शन से पहले कुछ मीडियाकर्मियों व कथित इतिहासकारों को दिखाया गया पर वास्तव में उन्हें न तो राजपूतों के इतिहास न ही रानी पद्मिनी की विरासत की कोई जानकारी है।
अध्यक्ष ने कहा कि फिल्म के 25 जनवरी को प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई गई तो समिति जल्द ही इसके खिलाफ अपनी रणनीति तय करेगी। इस मौके पर आदर्श यूपी समाज के अध्यक्ष मानेश्वर सिंह भी उपस्थित थे।...............