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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: प्यासे वेलूर में सियासी जंग तेज, रोजगार संकट बना बड़ा मुद्दा

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी जंग तेज हो गई है। इस चुनावी रण के बीच वेलूर में रोजगार संकट और चुनावी समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है।
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चेन्नई

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Vinay Shakya

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Updated: 5 Apr 2026, 1:13 AM IST

Elections

सांकेतिक इमेज

Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। सभी राजनीतिक दल वोटर्स को लुभाने के लिए तरह-तरह के वादे कर रहे हैं। इस चुनावी हलचल के बीच गोल्डेन टेंपल, CMC वेलूर और VIT के लिए विश्व प्रसिद्ध वेलूर एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है। बस स्टैंड से लेकर सड़कों तक राजनीतिक दलों के झंडे और प्रचार वाहन लोकतंत्र के उत्सव का संकेत दे रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में सुस्ती दिखती है।

वेलूर में DMK और AIADMK का मुकाबला

वेलूर में DMK और AIADMK के बीच सीधा मुकाबला है, जबकि TVK इसे त्रिकोणीय बनाने में जुटी है। राष्ट्रीय दलों की अनुपस्थिति में समीकरण स्पष्ट हैं। सूखी पालार नदी और रोजगार संकट चुनावी बहस के केंद्र में उभरते दिख रहे हैं। वेलूर में मुदलियार और वन्नीयर समुदाय का प्रभाव निर्णायक है, जबकि नायडू, गौंडर और चेट्टीयार भी अहम भूमिका निभाते हैं। यहां करीब 30 प्रतिशत मुस्लिम और 10 प्रतिशत ईसाई आबादी के साथ अनुसूचित जाति-जनजाति भी प्रभावी हैं। PMK के साथ AIADMK वन्नीयर ध्रुवीकरण पर भरोसा कर रही है, जबकि DMK पारंपरिक वोट बैंक और सोशल इंजीनियरिंग के सहारे मैदान में है।

सीटों पर उम्मीदवार और हाई प्रोफाइल मुकाबला

वेलूर जिले की 5 सीटों वेलूर, काटपाडी, अन्नैकट, केवीकुप्पम और गुडियात्तम पर मुकाबला रोचक है। काटपाडी सीट सबसे हाई प्रोफाइल है, जहां DMK के दुरै मुरुगन लगातार 13 बार जीत दर्ज कर चुके हैं। क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य और शिक्षा के विकास को लेकर उनकी पकड़ मजबूत दिखती है, जिससे विपक्ष के लिए चुनौती कठिन बनी हुई है।

रोजगार और पानी का संकट बना चुनावी मुद्दा

वेलूर जिले के बंटवारे के बाद अधिकांश उद्योग तिरुपत्तूर और रानीपेट में चले गए, जिससे वेलूर में रोजगार संकट गहरा गया है। सूखी पालार नदी पेयजल समस्या को बढ़ा रही है। आम उत्पादन के बावजूद प्रसंस्करण इकाइयों की कमी से किसान परेशान हैं। दूध और गन्ने की खरीद दर बढ़ाने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

तमिलनाडु में कब होगा चुनाव?

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए मतदान एक ही चरण में संपन्न होगा। तमिलनाडु की सभी सीटों के लिए 23 अप्रैल 2026 को मतदान होगा। इसके बाद मतगणना और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बार मुकाबला बहुकोणीय होने की उम्मीद है। सत्तारूढ़ DMK मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में सत्ता बचाने की कोशिश में है। वहीं, दूसरी तरफ DMK गठबंधन की बढ़त भी दिख रही है।