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भतीजे अभिषेक पर अटैक के बाद पूर्व सीएम ममता बनर्जी का आया बयान, कहा- ‘शासक बन गए हत्यारे’

Abhishek Banerjee Attack: अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हमला हुआ है। महिलाओं ने थप्पड़ मारे, अंडे फेंके और शर्ट फाड़ दी। इसके बाद ममता बनर्जी का बयान सामने आया है।

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Attack On TMC Abhishek banerjee

अभिषेक बनर्जी पर हमला। (फोटो- IANS)

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को सोनारपुर में भीड़ ने हमला बोल दिया। वहां महिलाओं समेत सैकड़ों लोग उनके ऊपर टूट पड़े। अभिषेक को थप्पड़ मारे गए, अंडे फेंके गए और यहां तक कि शर्ट भी फाड़ दी गई।

इस घटना के बाद बंगाल में सियासत तेज हो गई है। पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने अपने भतीजे पर हुए हमले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। भाजपा को शर्म आनी चाहिए।

कैसे बचे अभिषेक?

ममता बनर्जी ने अपने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले में भाजपा को घेरा है। बता दें कि जब अभिषेक पर हमला हुआ तो वहां पुलिस मौजूद नहीं थी, उन्हें भीड़ से बचने के लिए क्रिकेट हेलमेट पहनना पड़ा। हमले के बाद अभिषेक ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे भाजपा समर्थित गुंडों का काम बताया और कहा कि क्या वेस्ट बेंगल में लोकतंत्र बचा ही नहीं है?

हमले का पूरा मंजर

अभिषेक बनर्जी दोपहर में कलकत्ता हाई कोर्ट के नोटिस के बाद अपने कलिघाट रोड वाले घर से सोनारपुर के लिए निकले। रास्ते में कमल गाजी पर कुछ महिलाओं ने उन्हें काली झंडियां दिखाईं। लेकिन असली तूफान तो सोनारपुर पहुंचने पर आया।

सैकड़ों स्थानीय लोग, ज्यादातर महिलाएं, 'चोर' के नारे लगाते हुए उनके काफिले पर टूट पड़े। अभिषेक गाड़ी से उतरे और एक स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ता की बाइक पर सवार होकर आगे बढ़े। इसी दौरान भीड़ ने उन्हें घेर लिया।

कुछ महिलाओं ने थप्पड़ जड़ दिए, अंडे फेंके और उनकी शर्ट तक फाड़ दी। पत्थर भी चले, लेकिन निशाना चूक गए। अभिषेक ने तुरंत क्रिकेट हेलमेट पहन लिया ताकि सिर बच जाए।

उन्होंने बाद में कहा- मैं पार्टी कार्यकर्ता संजू कर्माकर से मिलने गया था, जो चुनाव नतीजों के बाद हिंसा का शिकार हुआ। मुझे इस हालत का सामना करना पड़ा। हेलमेट की वजह से सिर बच गया। यह भाजपा समर्थित गुंडों का काम है।

पहले बेलियाघाटा भी गए

इससे पहले शनिवार सुबह अभिषेक बेलियाघाटा में एक अन्य पार्टी कार्यकर्ता से मिलने गए थे, जो पोस्ट पोल हिंसा का शिकार बताया जा रहा है। मई 4 को विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से वे घर पर ही थे। शनिवार को पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में निकले।

घर पहुंचते ही CID का नोटिस मिला। नोटिस मिलने के तुरंत बाद वे सोनारपुर रवाना हो गए। इस पर अभिषेक ने साफ कहा कि पुलिस मौके पर कहीं नजर नहीं आई। नई सरकार बनने में अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और हालात इस कदर हैं। उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर करने और राज्यपाल आरएन रवि को पूरी घटना की जानकारी देने की बात कही।