पासपोर्ट बुक के लिए खुशबू पहुंची हाईकोर्ट

अधिकारियों ने नवीनीकरण से किया इनकार

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Jan 07, 2017
khusboo
चेन्नई.
पासपोर्ट कार्यालय ने अभिनेत्री व कांग्रेस प्रवक्ता खुशबू के नए पासपोर्ट बुक आवेदन को नामंजूर कर दिया है। पासपोर्ट अधिकारियों ने इसकी वजह उन पर लम्बित तीन आपराधिक मुकदमे बताए हैं। पासपोर्ट रोके जाने के कारण खुशबू ने मद्रास उच्च न्यायालय की शरण ली है।
खुशबू ने याचिका में बताया कि उनका पासपोर्ट 2022 तक वैध है। उनकी मौजूदा बुक के सभी पन्ने मुहर लगे होने से भर चुके हैं। उनको नई बुक की जरूरत है। उनकी पुस्तक के भरे होने की वजह उनका लगातार विदेश आना-जाना है। पासपोर्ट बुक के पन्ने भर जाने के बाद उन्होंने स्थानीय पासपोर्ट कार्यालय में जाकर नई बुक के लिए आवेदन किया जिसे नकार दिया गया। अधिकारियों ने इसकी वजह यह बताई है कि चुनाव प्रचार अभियान के दौरान उन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हुए थे इसलिए उनको नई पुस्तक नहीं दी जा सकती।

खुशबू ने आपराधिक मुकदमों का विवरण भी दिया कि 2009 में प्रचार के वक्त पुलिस ने आंडीपट्टी में उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि 2012 में मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै शाखा ने इस मुकदमे पर आगे की कार्रवाई को रोक दिया था और उनकी निजी उपस्थिति की शर्त में भी छूट दी थी। इसी तरह का एक मुकदमा पीसीपट्टी पुलिस थाने में 2011 में दर्ज हुआ। उनको हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने अग्रिम जमानत दे दी। नथम पुलिस द्वारा दर्ज एक अन्य मामले में भी हाईकोर्ट ने कार्रवाई को स्थगित कर दिया था। इन तीनों मामलों का विवरण देने के बाद ही उन्होंने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था और उनको हासिल भी हुआ था।

खुशबू ने कहा कि उनको 30 दिसम्बर को विदेश जाना था और टिकट भी बुक थी लेकिन पासपोर्ट पुस्तक का नवीनीकरण नहीं होने से उनको यह दौरा जबरन रद्द करना पड़ा। उनको 12 जनवरी को फिर से विदेश जाना है। इसलिए न्यायालय से गुजारिश है कि वे पासपोर्ट अधिकारियों को निर्देश दें कि उनको नई बुक जारी की जाए।
उनकी याची पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी. राजेंद्रन ने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी को जवाबी नोटिस भेजा है।







Published on:
07 Jan 2017 08:07 pm
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