
चेन्नई।डीएमके नेता और लोकसभा सांसद कनिमोझी ने आरोप लगाया कि प्र्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार केरल सरकार से पानी लेने में डर रही है। जल संकट से निपटने में सरकार की विफलता के विरोध में ब्रॉडवे के पास प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से पानी छोडऩे का आग्रह किया था।
लेकिन मुख्यमंत्री ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। मुख्यमंत्री की टिप्पणी, जिसमें उन्होंने कहा था कि केरल द्वारा प्रस्तावित जलापूर्ति पर्याप्त नहीं है, पर टिप्पणी करते हुए कनिमोझी ने कहा कि चेन्नई में गंभीर स्थिति के बाद भी मुख्यमंत्री को चिंता नहीं है। जबकि विदेश के लोग भी महानगर में जल संकट से चिंतित हैं।
साथ ही उन्होंने महानगर में जल संकट नहीं होने के दावे के लिए राज्य सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा जल संकट के चलते प्रतिष्ठान बंद हो रहे हैं। इसके खाना बनाने के लिए भी लोगों के पास पानी नहीं है, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। वर्तमान में जल भंडारण १ प्रतिशत से भी कम है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार संकट तो है ही अब जल संकट उत्पन्न होने से प्रदेश रेगिस्तान बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि डीएमके की सरकार आने पर स्टालिन इस समस्या का स्थाई समाधान निकालेंगे।