चेन्नई

Tamil Nadu assembly elections: शशिकला की रणनीति पर जल्द फैसला, समर्थकों में हलचल

चेन्नई की राजनीति में फिर से हलचल मच गई है। पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की करीबी वी.के. शशिकला आगामी assembly elections में अपनी भूमिका को लेकर सक्रियता दिखा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, शशिकला इस माह के अंत तक अपनी चुनावी रणनीति की घोषणा कर सकती हैं, जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। जानकारी के अनुसार, […]

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Feb 10, 2026

चेन्नई की राजनीति में फिर से हलचल मच गई है। पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की करीबी वी.के. शशिकला आगामी assembly elections में अपनी भूमिका को लेकर सक्रियता दिखा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, शशिकला इस माह के अंत तक अपनी चुनावी रणनीति की घोषणा कर सकती हैं, जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, शशिकला दक्षिण तमिलनाडु के चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों में अपने प्रभाव वाले थीवर बेल्ट में उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही हैं। इनमें उनके समर्थक, और उनके भाई वी.के. दिवाकरन की 2018 में शुरू की गई अन्ना द्रविड़र कषगम के बैनर तले चुनाव लड़ सकते हैं। हाल ही में शशिकला ने अपने वफादारों और पूर्व पार्टी पदाधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं, जिनका उद्देश्य आगामी चुनावों में उनकी राजनीतिक भूमिका को तय करना है।

24 फरवरी को हो सकती है घोषणा

सूत्रों की मानें तो शशिकला की भविष्य की रणनीति की आधिकारिक घोषणा 24 फरवरी को जयललिता की जयंती पर होने की संभावना है। उनके समर्थकों के लिए यह तारीख प्रतीकात्मक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शशिकला लगातार अपने समर्थकों से चर्चा कर रही हैं ताकि जमीनी समर्थन को परखा जा सके और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके।

एआइएडीएमके और भाजपा का रुख

जयललिता के निधन के बाद शशिकला को एआइएडीएमके की अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें पद से हटाकर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। शशिकला ने पार्टी के विभिन्न धड़ों को एकजुट करने की कोशिश की थी, लेकिन भाजपा और एआइएडीएमके ने उनके साथ किसी भी गठजोड़ की संभावना से इनकार कर दिया है। एआइएडीएमके महासचिव एडपाडी के. पलनीस्वामी ने शशिकला की पार्टी में वापसी की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।

आगामी चुनावों में शशिकला का प्रभाव

शशिकला का यह कदम आगामी assembly elections में उनकी राजनीतिक स्थिति को तय करने में अहम साबित हो सकता है। उनके समर्थक और राजनीतिक जानकार जयललिता की जयंती पर संभावित घोषणा को लेकर उत्सुक हैं, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।

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