तमिलनाडु सरकार ने राजनीतिक रैलियों और रोड शो के आयोजन को लेकर सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। अब बड़े आयोजनों में सुरक्षा को लेकर आयोजकों पर पूरी जिम्मेदारी होगी और नियमों का उल्लंघन भारी पड़ सकता है।
तमिलनाडु सरकार ने राजनीतिक रैलियों और रोड शो के आयोजन को लेकर सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। अब बड़े आयोजनों में सुरक्षा को लेकर आयोजकों पर पूरी जिम्मेदारी होगी और नियमों का उल्लंघन भारी पड़ सकता है।
तमिलनाडु में 27 सितंबर 2023 को करूर में हुए हादसे के बाद, जिसमें 41 लोगों की मृत्यु हुई थी, सरकार ने सार्वजनिक सभाओं, जुलूसों, रोड शो, प्रदर्शन, विरोध और सांस्कृतिक या धार्मिक कार्यक्रमों के लिए 56 पृष्ठों की SOP अधिसूचित की है। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज कुमार द्वारा जारी इस SOP के अनुसार, जहां 5,000 से अधिक लोग इकट्ठा होंगे, वहां यह नियम लागू होंगे।
सरकारी आदेश के मुताबिक, रोड शो तीन घंटे के भीतर समाप्त करना अनिवार्य है। किसी भी दर्शक को दो घंटे से अधिक इंतजार नहीं करवाया जा सकता। यदि किसी आयोजन में 50,000 से अधिक लोगों की भीड़ संभावित है, तो आयोजकों को 30 दिन पहले संबंधित पुलिस थाने या उप-मंडल अधिकारी को आवेदन देना अनिवार्य होगा। इसमें आयोजन स्थल, समय, तारीख और अनुमानित भीड़ का विवरण देना जरूरी है। उप-मंडल पुलिस अधिकारी आयोजन की प्रस्तावित तिथि से कम से कम 15 दिन पूर्व अनुमति देगा।
नई SOP के अनुसार, आयोजकों को आयोजन स्थल पर फर्स्ट-एड बूथ और एंबुलेंस तैनात करनी होगी। पेयजल, स्वच्छता, शौचालय और जलपान की व्यवस्था का जिम्मा आयोजकों पर होगा। खास तौर पर गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी और उन्हें भीड़ से दूर रखना होगा। रोड शो के लिए निर्धारित मार्ग और समय में बिना लिखित अनुमति के कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
सरकार ने निर्देश दिया है कि हर 50 प्रतिभागियों पर एक स्वयंसेवक तैनात किया जाएगा। आयोजन के बाद भीड़ का सुरक्षित निकास सुनिश्चित करना आयोजकों की जिम्मेदारी होगी। आयोजन स्थल पर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। जिला और तालुका स्तर पर निगरानी समितियां भी गठित की जाएंगी ताकि नियमों के पालन पर निगरानी रखी जा सके।
नई SOP के अंतर्गत रोड शो आपात सेवाओं, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों या चौराहों में बाधा नहीं डाल सकेंगे। आयोजकों को हर स्तर पर पुलिस के साथ समन्वय रखना होगा। किसी भी बदलाव के लिए संबंधित अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
इन नए नियमों के तहत, तमिलनाडु में बड़े राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक आयोजनों के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के हर पहलू की जिम्मेदारी आयोजकों पर है। इससे आयोजनों की पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ेगी, साथ ही किसी भी तरह की अव्यवस्था या दुर्घटना पर रोक लगाई जा सकेगी।