यहां काटपाडी स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में सोमवार को अभियंता दिवस समारोह हुआ जिसमें छात्र संगठन गठन किया गया। मुख्य अतिथि...
वेलूर।यहां काटपाडी स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में सोमवार को अभियंता दिवस समारोह हुआ जिसमें छात्र संगठन गठन किया गया। मुख्य अतिथि भारतीय रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्टरी के महाप्रबंधक सुंधाशु मणि ने एम.विश्वेश्वरैया के जन्म दिवस एवं अभियंता दिवस पर उनकी फोटो प्रतिमा पर माल्र्यापण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस मौके पर कहा वर्ष 2004-09 तक रेलवे बजट सिर्फ 24,307 करोड़ रुपए था।
सरकार ने रेलवे का विस्तार करने के उद्देश्य से धीरे-धीरे बढ़ाते हुए इस वर्ष 1.20 लाख करोड़ रुपए का बजट पारित किया। उन्होंने कहा कि आईसीएफ कोच फैक्टरी का विश्व में काफी नाम है। अब तक इस फैक्टरी में 60 हजार कोच बनाकर देश विदेश में भेजे गए हैं। गत वर्ष इसमें 2500 कोच तैयार किए गए थे जबकि इस वर्ष 3200 कोचों का निर्माण करने का लक्ष्य है।
सुंधाशु मणि ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत कोलकाता में 160 किलोमीटर वेग से चलने वाले रेल इंजन का निर्माण किया जा रहा है। कार्यक्रम में विवि के कुलपति जी.विश्वनाथन ने बताया कि वीआईटी विवि में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सभी सुविधाएं दी जा रही है।
इस वर्ष माइक्रोसॉफ्ट संस्थान की ओर से वीआईटी विवि के 15 विद्यार्थियों को 39 लाख रुपए के पैकेज में रोजगार दिया गया है। इसके अलावा 108 विद्यार्थियों को अमरीका के बैंकों में रोजगार मिला है। कार्यक्रम में वर्ष 2018-19 के लिए छात्र संगठन का गठन कर विद्यार्थियों को विभिन्न पद प्रदान किए गए। कार्यक्रम में विशेष अतिथि माडागस्कर के उच्चायुक्त राजनाड्रासो मारी लियोन्टिन, उपाध्यक्ष जी.वी. सेल्वम भी उपस्थित थे।
स्वतंत्रता दिवस को टॉयलेट में मिला शिशु एनजीओ को दिया
स्वतंत्रता दिवस को वलसरवाक्कम में एक टॉयलेट में मिले शिशु, जिसका एगमोर के बाल स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज किया गया और कई नर्स माताओं ने स्तनपान कराया, को मंगलवार को औपचारिक रूप से समाज कल्याण विभाग के हवाले कर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर और समाज कल्याण विभाग मंत्री वी. सरोजा ने यह शिशु बाल कल्याण समिति के सदस्यों को सौंपा। इस मौके पी सरोजा ने कहा आशा करती हूं जल्द ही एक अच्छा परिवार बच्चे को गोद लेकर इसकी उसी प्रकार परवरिश करेगा जैसे अस्पताल प्रबंधन ने किया। लेकिन जब तक बच्चे को कोई गोद नहीं लेता तब तक इसे शिशु गृह में रखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि १५ अगस्त को वलसरवाक्कम निवासी गीता नामक महिला ने बच्चे को टॉयलेट से बचाकर उसे स्वतंत्र नाम दिया था। बाद में उसे चिल्ड्रन हॉस्पिटल में भर्ती कराया। आगे के परीक्षण के बाद पता चला था कि बच्चे के खून में जीवाणु संक्रमण है। चिल्ड्रन अस्पताल के निदेशक ए.टी. अरसार ने बताया कि जब बच्चे को लाया गया था तब उसका वजन १.९ केजी था, लेकिन अब वह सामान्य हो गया है और अगर इसी तरह स्तनपान होता रहा तो वह पूरी तरह स्वस्थ्य हो जाएगा। उन्होंने कहा स्वास्थ्य मंत्री ने स्वतंत्र को बचाने को लेकर नर्सों का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि यहां पर बहुत से ऐसे बच्चे हैं जिनको स्तनपान की जरुरत है। ऐसे में अगर बहुत सी महिलाएं आगे आकर स्तनपान कराने को तैयार होती हैं तो सभी शिशु स्वस्थ जीवन में प्रवेश कर सकते हैं।