राज्य सरकार को मार्च तक स्थानीय निकाय चुनाव कराने चाहिए 

-पीएमके संस्थापक ने की राज्य सरकार के फैसले की निंदा -चुनाव को छह महीने और टालकर विशेष अधिकारियों के कार्यकाल बढ़ाने पर 
less than 1 minute read
• •
Updated: 3 Jan 2017, 6:40 PM IST
evm machine
evm machine
चेन्नई. स्थानीय निकाय के चुनाव को और छह महीने के लिए टालकर निकायों के विशेष अधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाने के तमिलनाडु सरकार के फैसले की निंदा करते हुए पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) ने कहा कि चुनाव को टालने के बजाय सरकार को मार्च अंत तक चुनाव कराने के बारे में सोचना चाहिए।

पार्टी के संस्थापक एस. रामदास का कहना है कि निकाय चुनाव की तारीख हाईकोर्ट द्वारा रद्द करने के बाद सरकार के पास तीन माह का समय था दिसम्बर में चुनाव कराने के लिए लेकिन सरकार इसे टालने की कोशिश कर रही है। लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और सरकारी परियोजनाओं का स्थानीय स्तर तक लाभ पहुंचाने के लिए स्थानीय निकायों का गठन किया था जिसकी शासन व्यवस्था प्रशासनिक अधिकारियों के बजाय जन प्रतिनिधि को दी गई है लेकिन तमिलनाडु सरकार इस व्यवस्था को बदलने के प्रयास में है।


वहीं सरकारी सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट की अनुमति लेने के बाद सरकार चुनाव कराएगी। गौरतलब है कि डीएमके द्वारा चुनाव में अनियमितता को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने अक्टूबर में होने वाले चुनाव को रद्द कर दिया और दिसम्बर तक चुनाव सम्पन्न कराने को कहा। इस बीच निकाय का कामकाज देखने के लिए कोर्ट ने विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद निकाय चुनाव को टालना पड़ा। अब जब विशेष अधिकारियों का कार्यकाल 31 दिसम्बर को खत्म हो गया तो राज्य सरकार ने उनका कार्यकाल और छह महिनों के लिए बढ़ा दिया है।


Published on: