
Udhayanidhi Stalin Cauvery statement: तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने रविवार को तमिल अभिनेत्री तृषा पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से साफ इनकार किया है। दो सप्ताह पूर्व हुई अपनी संक्षिप्त गिरफ्तारी और पूछताछ के विवाद पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनके बयान में कोई द्विअर्थी (Double Meaning) संदर्भ नहीं था।
द्रमुक (DMK) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि तंजावुर में किसानों के समर्थन में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केवल यह कहा था कि 'कावेरी में पानी बहना चाहिए।' उन्होंने न तो तृषा का नाम लिया था और न ही उनके प्रति कोई आपत्तिजनक संदर्भ दिया था।
2 अगस्त की घटना को याद करते हुए उदयनिधि ने बताया कि जब चेन्नई स्थित उनके आवास पर पुलिस पहुंची, तो उन्हें लगा कि तंजावुर में दिए गए तीखे राजनीतिक बयानों के कारण कार्रवाई हो रही है। सुबह 8 बजे जब सहायक ने पुलिस के आने की सूचना दी, तो मुझे लगा कि वे मुझे गिरफ्तार करने आए हैं। मैंने पिछले दिन दिए भाषण को याद करना शुरू किया।' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री को 'डमी सीएम' कहा था और सरकार को बेशर्म बताते हुए किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस ने उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि कावेरी वाले बयान को मुद्दा बना दिया।
उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु वेत्री कड़गम (TVK) सरकार पर निशाना साधते हुए उसे पूरी तरह ‘फासीवादी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में खड़े होने, चलने, बोलने और यहां तक कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर भी लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। स्टालिन ने कहा कि सरकार का रवैया बेहद दमनकारी है और वह गहरे असुरक्षा भाव से काम कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि TVK के सत्ता में आने के बाद से वकीलों का काम काफी बढ़ गया है।